હિન્દી


કેતન જોષી

Example of a blinking text using CSS within a marquee Example of a blinking text using CSS within a marquee ધોરણ 1 થી 12 બુક માં પીડીએફ ફાઈલ/ટૂંક સમયમાં વિડિયો ફાઈલ મુકવામાં આવશે/મોબાઇલમાં પીડીએફ ફાઇલ ખુલશે .

Chapter 15 आर्थिक विकास

   Gujarat Board GSEB Class 10 Social Science Important Questions Chapter 15 आर्थिक विकास Important Questions and Answers.


GSEB Class 10 Social Science Important Questions Chapter 15 आर्थिक विकास

निम्न प्रश्नों का उत्तर विस्तार से लिखिए:


प्रश्न 1.

आर्थिक ढाँचा किसे कहते हैं ? भारतीय अर्थव्यवस्था के आर्थिक ढाँचे को समझाइए ।

उत्तर:

अर्थतंत्र में होनेवाली विविध असंख्य आर्थिक प्रवृत्तियों, विविध व्यवसायों को तीन विभागों में बाँटा गया है । प्राथमिक, माध्यमिक और सेवा क्षेत्र, इस वर्गीकरण को व्यावसायिक ढाँचा कहते हैं ।

आर्थिक ढाँचा :


प्राथमिक क्षेत्र : अर्थतंत्र के इस विभाग में कृषि, कृषि से जुड़ी प्रवृत्तियों जैसे पशुपालन, पशु संवर्धन, मत्स्य उद्योग, मुर्गा-बतख पालन, जंगल, कच्ची धातुओं की खुदाई आदि प्रवृत्तियों का प्राथमिक विभाग में समावेश होता है ।

माध्यमिक क्षेत्र : इस विभाग में छोटे-बड़े आधारभूत उद्योग, निर्माण, बीजली, गैस और पानी पूर्ति आदि प्रवृत्तियों का समावेश होता है । इस विभाग को उद्योग के रूप में पहचाना जाता है । जिसमें सूई से लेकर बड़ी-बड़ी मशीनों का समावेश होता है ।

सेवा-क्षेत्र : इस विभाग में अनेकविध सेवाओं का समावेश होता है । ऐसी सेवाओं में व्यापार, संचार, हवाई तथा समुद्री मार्गों, शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग, बीमा कंपनिया, प्रवास और मनोरंजन आदि का समावेश होता है ।

प्रश्न 2.

उत्पादन के साधनों की जानकारी दीजिए ।

उत्तर:

कच्चे माल-सामान द्वारा मानव उपयोगी वस्तुएँ बनाने की क्रिया को उत्पादन कहते हैं । उत्पादन के साधन निम्नानुसार है :


जमीन : सामान्य अर्थ में जमीन को हम पृथ्वी की ऊपरी परत के रूप में पहचानते है । अर्थशास्त्र में जमीन अर्थात् सभी प्रकार की प्राकृतिक संपत्ति जिसमें वन, नदियाँ, पर्वत, खनिज, धातुएँ आदि का समावेश होता है । इस प्रकार जमीन उत्पादन का प्राकृतिक संसाधन है ।

पूँजी : उत्पादन की प्रक्रिया में उपयोग में ली जानेवाली मानवसर्जित साधन, यंत्र, औजार, मकान आदि का समावेश होता है ।

श्रम : भौतिक बदले की अपेक्षा से किया जानेवाला कोई भी शारीरिक या मानसिक कार्य श्रम कहलाता है। श्रम उत्पादन का सजीव साधन है । कृषि मजदूर, मजदूर, शिक्षक, डॉक्टर, कारीगर आदि का कार्य श्रम है ।

नियोजक : उत्पादन प्रक्रिया में भूमि, पूँजी और श्रम को कुशलतापूर्वक संयोजन करनेवाले व्यक्ति को नियोजक कहते हैं । इन तीनों साधनों को योजनापूर्वक उत्पादन में जोड़ने के कार्य को नियोजन कहते हैं ।

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निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर मुद्दासर दीजिए:


प्रश्न 1.

बाजार पद्धति के लक्षण लिखिए ।

उत्तर:

उत्पादन के साधनों की मालिकी व्यक्तिगत या निजी होती है । बाजार पद्धति में आर्थिक प्रवृत्ति के केन्द्र में लाभ होता है । ग्राहक को पसंदगी करने के विशाल अवसर प्राप्त होते है ।


बाजार में सरकार का हस्तक्षेप नहीं होता है । उत्पादन के साधनों का बँटवारा लाभ पर आधारित होता है ।

आर्थिक निर्णय भावतंत्र पर आधारित होते है ।

प्रश्न 2.

पूँजीवादी पद्धति और समाजवादी पद्धति में अंतर लिखो।

उत्तर:


पूँजीवादी पद्धति समाजवादी पद्धति

पूँजीवादी पद्धति में व्यक्ति आर्थिक रूप से स्वतंत्र होता है । समाजवादी पद्धति आर्थिक रूप से स्वतंत्र नहीं होती है ।

आर्थिक निर्णय लेने में राज्य का हस्तक्षेप नहीं होता है । आर्थिक निर्णय लेने में राज्य सत्ता केन्द्र में होती है ।

लाभ प्राप्त करने का उद्देश्य होता है । लोक कल्याण का उद्देश्य होता है ।

भावतंत्र के आधार पर निर्णय लिये जाते है । लोगों की आवश्यकता को ध्यान में रखकर निर्णय लिया जाता है ।

अमेरिका, जापान, इंग्लैण्ड आदि पँजीवादी देश है । रूस. चीन आदि साम्यवादी देश है ।

प्रश्न 3.

समाजवादी पद्धति में प्रोत्साहन और दण्डात्मक कदम की जानकारी दीजिए ।

उत्तर:

समाजवादी पद्धति में मजदूरों से उनकी कार्यशक्ति के अनुपात में कार्य लिया जाता है और उसके बदले में उनकी आवश्यकता के अनुपात में वेतन दिया जाता है ।


मजदूरों की कार्यक्षमता बढ़ाने हेतु बोनस जैसे वित्तीय प्रोत्साहन दिये जाते है ।

कई बार अच्छा कार्य करने के बदले पुरस्कार या सम्मान गैरवित्तीय प्रोत्साहन भी दिये जाते है ।

समाजवादी पद्धति में मजदूर, कर्मचारी को बिनकार्यक्षमता के बदले पदोअवनति या स्थानांतरण किया जाता है ।

निम्नलिखित प्रश्नों के संक्षिप्त में उत्तर दीजिए:


प्रश्न 1.

बिन आर्थिक प्रवृत्ति किसे कहते हैं ?

उत्तर:

जिस प्रवृत्ति का उद्देश्य आय प्राप्त करना या खर्च करना न हो उसे बिन आर्थिक प्रवृत्ति कहते हैं । जैसे माता अपने बच्चों का लालन-पालन करे, समाज सेवा का कार्य आदि बिन आर्थिक प्रवृत्ति है ।


प्रश्न 2.

भारतीय अर्थतंत्र को किन तीन भागों में बाँटा गया है ?

उत्तर:

भारतीय अर्थतंत्र में होनेवाली विविध असंख्य आर्थिक प्रवृत्तियों और व्यवसायों को मुख्य तीन भागों में बाँटा गया है :


प्राथमिक,

माध्यमिक

सेवाक्षेत्र ।

प्रश्न 3.

माध्यमिक क्षेत्र की जानकारी दीजिए ।

उत्तर:

इस क्षेत्र में छोटे-बड़े आधारभूत उद्योगों, निर्माण, बीजली, गैस और पानी की पूर्ति आदि प्रवृत्तियों का समावेश होता है । इस विभाग को उद्योग के रूप में भी जाना जाता है, जिसमें सूई जैसी छोटी वस्तु से लेकर बड़ी बड़ी मशीनों का निर्माण होता



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प्रश्न 4.

बाजार पद्धति के लाभ बताइए ।

उत्तर:

बाजार पद्धति में व्यक्ति आर्थिक रूप से स्वतंत्र होता है । उत्पादन साधनों का महत्तम और कार्यक्षम उपयोग होता है ।


अधिकतम उत्पादन हासिल किया जा सकता है ।

अर्थतंत्र में सतत नये संशोधन होते रहते है, जिनके कारण आर्थिक विकास को गति मिलती है ।

स्पर्धा के कारण वस्तु की गुणवत्ता श्रेष्ठ होती है ।

प्रश्न 5.

समाजवादी पद्धति के लक्षण बताइए ।

उत्तर:

उत्पादन साधनों की मालिकी राज्य की होती है ।


अर्थतंत्र में सभी निर्णय राज्य द्वारा लिये जाते है ।

आर्थिक प्रवृत्ति के केन्द्र में लाभ नहीं समाज का हित होता है ।

श्रमिकों को काम के बदले वेतन चुकाया जाता है ।

प्रश्न 6.

समाजवादी पद्धति के लाभ बताइए ।

उत्तर:

समाज की आवश्यकता के अनुसार उत्पादन होने से अनावश्यक और मौज-शोक की वस्तुओं का उत्पादन नहीं होता है ।


इस पद्धति में उत्पादन का निर्णय राज्य द्वारा लिये जाने से प्राकृतिक संपत्ति संपत्ति का अपव्यय नहीं होता है ।

आय और संपत्ति की असमानता दूर होती है ।

ग्राहक का शोषण नहीं होता है ।

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो वाक्यों में दीजिए:


प्रश्न 1.

सन् 2015-16 में देश की राष्ट्रीय आय (GDP) कितनी थी ?

उत्तर:

सन् 2015-16 में देश की राष्ट्रीय आय (GDP) 1,35,67,192 करोड़ थी ।



प्रश्न 2.

प्रति व्यक्ति आय किसे कहते हैं ?

उत्तर:

देश की कुल राष्ट्रीय आय में कुल जनसंख्या का भाग देने से प्रति व्यक्ति आय प्राप्त होती है । प्रति व्यक्ति आय कुल राष्ट्रीय आय/कुल देश की जनसंख्या


प्रश्न 3.

जीवन स्तर में किन-किन सुविधाओं का समावेश होता है ?

उत्तर:

जीवन स्तर में लोगों को प्राप्त होनेवाली सुविधाएँ जैसे अनाज, कपड़े, शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन सुविधा तथा आगस की सुविधा का समावेश होता है ।


प्रश्न 4.

सेवा क्षेत्र में किन-किन सेवाओं का समावेश होता है ?

उत्तर:

सेवाओं में व्यापार, संचार, हवाई तथा समुद्री मार्गों, शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग, बीमा कंपनी, पर्यटन और मनोरंजन आदि का समावेश होता है।


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प्रश्न 5.

प्राथमिक क्षेत्र में किस-किसका समावेश होता है ? ।

उत्तर:

प्राथमिक क्षेत्र में कृषि और कृषि से जुड़ी हुई प्रवृत्तियों, पशुपालन, पशु संवर्धन, मत्स्य उद्योग, मुर्गी-बतक पालन, वन, कच्ची वस्तुओं आदि का समावेश होता है ।


प्रश्न 6.

कृषि उत्पादन के साधन कौन-कौन से है ?

उत्तर:

अनाज (कृषि) उत्पादन में बैल, ट्रेक्टर, कुदाली, मजदूर, जमीन आदि अनेक साधनों का उपयोग होता है ।


प्रश्न 7.

मिश्र अर्थतंत्र क्यों अस्तित्व में आया ?

उत्तर:

बाजार पद्धति और साम्यवादी पद्धति की कुछ कमियों के कारण दोनों पद्धतियों की कुछ अच्छी बातों का सुमेल साधकर और मध्यम मार्ग के रूप में मिश्र अर्थतंत्र अस्तित्व में आया ।


प्रश्न 8.

किन-किन देशों में बाजार पद्धति पायी जाती है ?

उत्तर:

अमेरिका, जापान, इंग्लैण्ड आदि देशों में बाजार पद्धति पायी जाती है ।


प्रश्न 9.

बाजार पद्धति के आर्थिक निर्णयों के केन्द्र में क्या होता है ?

उत्तर:

बाजार पद्धति के आर्थिक निर्णयों के केन्द्र में लाभ होता है ।


प्रश्न 10.

बाजार पद्धति को मुक्त अर्थतंत्र क्यों कहते हैं ?

उत्तर:

बाजार पद्धति में स्पर्धा का तत्त्व अदृश्य हाथ की तरह समग्र बाजार पर नियंत्रण रखती है । इस पद्धति में राज्य का हस्तक्षेप न होने से इस पद्धति को मुक्त अर्थतंत्र कहते हैं ।


प्रश्न 11.

किन-किन देशों में साम्यवादी पद्धति है ?

उत्तर:

रूस, चीन आदि देशों में साम्यवादी पद्धति है ।


प्रश्न 12.

साम्यवादी पद्धति का उद्भव कैसे हुआ ?

उत्तर:

बाजार पद्धति की अनेक कमियों तथा निष्फलता के परिणामस्वरूप समाजवादी पद्धति का उद्भव हुआ ।


प्रश्न 13.

बाजार पद्धति में श्रमिकों की नियुक्ति कैसे होती है ?

उत्तर:

बाजार पद्धति में श्रमिकों को योग्यता और क्षमता अनुसार काम दिया जाता है और काम के अनुसार वेतन दिया जाता है ।


प्रश्न 14.

मिश्र अर्थतंत्र में क्या कमियाँ पायी जाती है ?

उत्तर:

आर्थिक अस्थिरता, संकलन का अभाव, आर्थिक नीतियों में सातत्य का अभाव, आर्थिक विकास की नीची दर आदि कमियाँ पायी जाती है ।


प्रश्न 15.

विकास बिना की वृद्धि किसे कहते हैं ?

उत्तर:

देश की राष्ट्रीय आय में वृद्धि हुई हो तो भी जनसंख्या का बड़ा भाग गरीबी में जीता हो तो ऐसी परिस्थिति को विकास बिना की वृद्धि कहते हैं ।


प्रश्न 16.

उत्पादन साधनों की कमी क्यों रहती है ?

उत्तर:

उत्पाद के साधन सीमित है और उनकी आवश्यकता अमर्यादित है जिससे उत्पादन के साधनों की कमी रहती है ।


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प्रश्न 17.

आर्थिक विकास अर्थात् क्या ?

उत्तर:

आर्थिक विकास अर्थात् जिसमें लोगों की प्रतिव्यक्ति वास्तविक आय लम्बे समय तक लगातार बढ़ती रहे । जिसके परिणामस्वरूप : लोगों का जीवनस्तर सुधरे, ऐसी प्रक्रिया को आर्थिक विकास कहते हैं ।


निम्नविषयों पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए:


प्रश्न 1.

द्विमुखी अर्थतंत्र :

उत्तर:

विकासशील देशों में द्विमुखी अर्थतंत्र पाया जाता है । एक तरफ ग्राम्य क्षेत्रों में पिछड़ी खेती पद्धति, पुरानी यंत्र सामग्री, रूढ़िचुस्त सामाजिक ढाँचा, कम उत्पादन पाया जाता है । दूसरी तरफ शहरों के क्षेत्र में आधुनिक उद्योग, नयी उत्पादन पद्धति, आधुनिक यंत्रों तथा वैभवी जीवनशैली पायी जाती है ।


प्रश्न 2.

उत्पादन के साधनों का बँटवारा (वितरण) :

उत्तर:

प्रत्येक देश के पास जो मर्यादित साधन होते है, उनका उपयोग किस प्रकार कहाँ और कितना करना है ? आदि प्रश्न साधनों के बँटवारे के समय उद्भव होते है ।

जिनकी चर्चा निम्नानुसार है :

1. अमर्यादित आवश्यकताएँ : मनुष्य की आवश्यकताएँ अमर्यादित होती है । एक आवश्यकता को पूरी करने पर अनेक आवश्यकताएँ उद्भव होती है । कुछ आवश्यकताएँ बार-बार संतुष्ट करनी पड़ती है तो कुछ आवश्यकताएँ विज्ञान और टेक्नोलॉजी के कारण उद्भव होती है । इस अमर्यादित आवश्यकताओं को पूरी करने के लिए आवश्यकताओं की पसंदगी करनी पड़ती है ।


2. आवश्यकताओं में प्राथमिकता क्रम : अमर्यादित आवश्यकताओं के कारण साधन मर्यादित होने से कौन-सी आवश्यकता अधिक महत्त्व की है यह व्यक्ति निश्चित कर और अग्रताक्रम के अनुसार संतुष्ट करनी पड़ती है । जो आवश्यकताएँ अधिक महत्त्व की होती है उन्हें प्रथम संतुष्ट करनी पड़ती है और उसके बाद अन्य आवश्यकताएँ । इस प्रकार उत्पादन के साधन मर्यादित होने से आवश्यकताओं का अग्रताक्रम निश्चित करना पड़ता है ।


3. मर्यादित साधन : उत्पादन के साधनों में मुख्यतः प्राकृतिक संपत्ति और मानवीय संपत्ति होती है । ये सभी साधन मर्यादित होते है जिससे उनका मितव्ययीतापूर्ण उपयोग करना पड़ता है और पसंद की गयी आवश्यकताओं को लक्ष्य में रखकर साधनों का बँटवारा करना पड़ता है । साधनों का वैकल्पिक उपयोग : उत्पादन के किसी भी साधन का एक से अधिक उपयोग होता है, इसलिए उसका एक समय में एक ही उपयोग हो सकता है । एक उपयोग में लेने पर अन्य उपयोग त्यागने पड़ते है । जैसे – खेत में बाजरी बोने पर गेहूँ या धान नहीं बो सकते है ।


प्रश्न 3.

बाजार पद्धति :

उत्तर:

बाजार पद्धति को पूँजीवादी पद्धति के रूप में पहचाना जाता है । अमेरिका, जापान, इंग्लैण्ड आदि देशों ने अपना आर्थिक विकास बाजार पद्धति द्वारा किया है ।


इस पद्धति में उत्पादन के साधनों का बँटवारा लाभ के आधार पर किया जाता है ।

इस पद्धति में उत्पादन और उसके साथ संलग्न आर्थिक निर्णयों के केन्द्र में लाभ होता है ।

लोग जिन विविध उद्योगों में पूंजी निवेश करने का नकारात्मक हो उनमें उन्होंने पूँजी निवेश किया ।

इस पद्धति में बाजार संपूर्णरूप से मुक्त होती है । सरकार की किसी भी निश्चित आर्थिक नीति में या भूमिका नहीं होती हैं ।

बाजारतंत्र में स्पर्धा का तत्त्व विशिष्ट भूमिका निभाता है । प्रतिस्पर्धा युक्त बाजार में महत्तम लाभ लेने के लिए कार्यक्षमता अधिक से अधिक ऊँची ले जानी पड़ती है ।

इस प्रक्रिया के कारण अनेक नये संशोधन होते है और उत्पादन की नयी पद्धतियाँ खोजी जाती है । जिसके कारण उत्पादन अधिकतम होता है और देश का आर्थिक विकास तीव्र होता है ।

प्रश्न 4.

समाजवादी पद्धति :

उत्तर:

समाजवादी पद्धति बाजार पद्धति की विरोधी है । इस पद्धति में सभी आर्थिक निर्णय राज्यतंत्र द्वारा लिये जाते है ।


उत्पादन के सभी साधनों की मालिकी राज्य की होती है ।

इस पद्धति में समग्र निर्णय (अर्थतंत्र का संचालन) राज्य द्वारा लिया जाता है ।

उत्पादन, पूँजीनिवेश, साधनों का बँटवारा, उत्पादन का बँटवारा आदि समाज की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किया जाता समाजवादी पद्धति के केन्द्र में लाभ नहीं परंतु समग्र समाज का कल्याण होता है ।

चीजवस्तुओं का उत्पादन और राज्य निश्चित करता है । राज्य द्वारा निश्चित उत्पादन के लक्ष्य को सिद्ध करने की जवाबदारी राज्य संचालित कारखानों की है ।

कृषि पर भी राज्य की मालिकी होती है । श्रमिकों को उनकी क्षमता के अनुसार वेतन दिया जाता है और उसके अनुसार काम लिया जाता है ।

निम्नलिखित विधानों के कारण स्पष्ट कीजिए:


प्रश्न 1.

विकासशील देशों का कर्ज अधिक होता है ।

उत्तर:

विकासशील देशों की मुख्य कृषि पेदाइशों, बगीचों की पेदाइशों और कच्ची धातुओं का निर्यात अधिक होता है ।


इस प्रकार के निर्यातों की माँग कम होती है और भाव नीचे होते है, जिससे निर्यातों से कमाई कम होती है ।

आयातों में औद्योगिक पेदाइशों और यंत्र सामग्री जैसी वस्तुएँ होती है ।

इन वस्तुओं के भाव अधिक होने से आयातों पर खर्च अधिक होता है ।

इसलिए विकासशील राष्ट्रों के लिए विदेशी व्यापार की शर्ते प्रतिकूल रहने से विदेशी कर्ज (देवा) अधिक होता है ।

प्रश्न 2.

विकासशील देशों में आय और संपत्ति की असमानता पायी जाती है ।

उत्तर:

विकासशील देशों में शीर्ष 20% धनिक लोगों के पास राष्ट्रीय आय का 40% हिस्सा होता है, और निम्न 20% गरीब लोगों . के पास राष्ट्रीय आय का 20% हिस्सा होता है ।


इन राष्ट्रों में आय और संपत्ति का केन्द्रीकरण धनिक लोगों में हुआ होता है । विकासशील देशों में आय तथा उत्पादन साधनों के बँटवारे में असमानता पायी जाती है ।

यह असमानता ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में पायी जाती है ।

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प्रश्न 3.

आवश्यकताओं को अग्रीमता क्रम देना पड़ता है ।

उत्तर:

अमर्यादित आवश्यकताओं के सामने उत्पादन के साधन मर्यादित होते है ।


जो आवश्यकताएँ अधिक महत्त्व की होती है उन्हें निश्चित करना पड़ता है ।

जो आवश्यकताएँ अधिक महत्त्वपूर्ण होती है उन्हें पहले संतुष्ट करनी पड़ती है और उसके बाद अन्य आवश्यकताएँ ।

इस प्रकार उत्पादन के साधन मर्यादित होने से आवश्यकताओं का अग्रताक्रम निश्चित करना पड़ता है ।

प्रश्न 4.

बाजार पद्धति से देशों का आर्थिक विकास तीव्र होता है ।

उत्तर:

बाजार तंत्र में ‘स्पर्धा’ का तत्त्व महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है ।


स्पर्धायुक्त बाजार में अधिकतम लाभ प्राप्त करने हेतु कार्यक्षमता अधिक से अधिक ऊँची ले जानी पड़ती है ।

इस प्रक्रिया के कारण अनेक नये संशोधन होते है और उत्पादन की नयी पद्धतियाँ खोजी जाती है ।

इससे उत्पादन महत्तम होता है, जिसके कारण देशों का आर्थिक विकास तीव्र होता है ।

प्रश्न 5.

मिश्र अर्थतंत्र अस्तित्व में आया ।

उत्तर:

मिश्र अर्थतंत्र अर्थात् पूँजीवाद और साम्यवाद का समन्वय ।


मिश्र अर्थतंत्र पूँजीवादी और साम्यवादी पद्धतियों की कमी को दूर करके अच्छा साम्य स्थापित करने के लिए अस्तित्व में आयी थी।

राष्ट्रीय महत्त्व के, लोगोपयोगी उद्योग-धंधे सार्वजनिक क्षेत्र को सौंपे गये तथा छोटे-बड़े उद्योग-धंधे निजी क्षेत्र को सौंपे गये, जिससे मिश्र अर्थतंत्र अस्तित्व में आया ।

निम्नलिखित शब्द समझाइए:


प्रश्न 1.

1. राष्ट्रीय आय – देश की कुल आय को राष्ट्रीय आय कहते हैं ।

2. प्रति व्यक्ति आय – देश की कुल राष्ट्रीय आय को देश की कुल जनसंख्या का भाग देने से प्रतिव्यक्ति आय प्राप्त होती है ।

3. उत्पादन – कच्चे माल-सामान और श्रम द्वारा मानव उपयोगी वस्तुएँ और सेवाएँ तैयार करने की क्रिया को उत्पादन कहते हैं ।

4. व्यावसायिक ढाँचा – देश के अर्थतंत्र में होनेवाली असंख्य आर्थिक प्रवृत्तियों और व्यवसायों को मुख्य तीन विभागों में बाँटा गया है । उसे व्यावसायिक ढाँचा कहते हैं ।

5. जमीन – जमीन अर्थात् सभी प्रकार की प्राकृतिक संपत्ति जो उत्पादन में काम आती है । जैसे – वन, नदियाँ, पानी, पर्वत, खनिज, सूर्यप्रकाश आदि ।

6. पूँजी – उत्पादन की प्रक्रिया में काम आनेवाला मानवसर्जित साधन जैसे यंत्र, औजार, मकान आदि पूँजी कहलाता है ।

7. मिश्र अर्थतंत्र – मिश्र अर्थतंत्र अर्थात् ऐसी आर्थिक पद्धति जिसमें सार्वजनिक और निजीक्षेत्र का सह अस्तित्व होता है । ये दोनों क्षेत्र एकदूसरे के स्पर्धा नहि परंतु पूरक बनकर काम करते है ।

8. श्रम – भौतिक बदले की अपेक्षा से किया जानेवाला शारीरिक और मानसिक प्रयत्न श्रम कहलाता है । जैसे – मजदूर, डॉक्टर, शिक्षक, वकील आदि का कार्य ।

9. नियोजक – उत्पादन प्रक्रिया में जमीन, पूँजी और श्रम इन तीनों साधनों को जोड़कर संयोजन करनेवाले को नियोजक कहते हैं ।

10. बाजार – बाजार अर्थात् ऐसी व्यवस्था जिसमें क्रेता और विक्रेता प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से परस्पर संपर्क में आते है ।

11. राष्ट्रीय आय – एक वर्ष के समय दरमियान पूँजी और श्रम द्वारा प्राकृतिक संपत्ति का उपयोग करके उत्पन्न की गयी उपयोग में ली जा सके ऐसी वस्तुओं और सेवाओं के बाजार मूल्य का योग ।


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निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर सही विकल्प चुनकर दीजिए:


प्रश्न 1.

विकासशील देशों की मुख्य पहचान क्या है ?

(A) निम्नप्रति व्यक्ति आय

(B) बेरोजगारी अधिक

(C) गरीबी अधिक

(D) जनसंख्या अधिक

उत्तर:

(A) निम्नप्रति व्यक्ति आय


प्रश्न 2.

विकासशील देशों में ………….. जनसंख्या वृद्धि दर पायी जाती है ।

(A) 1%

(B) 2%

(C) 3%

(D) 2.5%

उत्तर:

(B) 2%


प्रश्न 3.

राष्ट्रीय आय में (विकासशील देशों में) कृषि का कितना हिस्सा होता है ?

(A) 60%

(B) 50%

(C) 36%

(D) 25%

उत्तर:

(D) 25%


प्रश्न 4.

विकासशील देशों में राष्ट्रीय रोजगारी में कृषि का हिस्सा ……………. होता है ।

(A) 25%

(B) 40%

(C) 60%

(D) 75%

उत्तर:

(D) 75%


प्रश्न 5.

विकासशील देशों में कुल श्रमिकों के ……………% से अधिक बेरोजगारी पायी जाती है ।

(A) 10%

(B) 12%

(C) 5%

(D) 3%

उत्तर:

(D) 3%


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प्रश्न 6.

विकासशील देशों का अर्थतंत्र कैसा होता है ?

(A) पिछड़ा

(B) रूढ़िचुस्त

(C) विकसित

(D) द्विमुखी

उत्तर:

(D) द्विमुखी


प्रश्न 7.

सन् 2004 में विकासशील देशों की प्रतिव्यक्ति आय का निर्धारण किसने किया है ?

(A) UNESCO

(B) WTO

(C) WHO

(D) विश्व बैंक

उत्तर:

(D) विश्व बैंक


प्रश्न 8.

कौन-सा कारक आर्थिक विकास निर्देशक है ?

(A) देश की राष्ट्रीय आय में वृद्धि ।

(B) प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि ।

(C) लोगों के जीवन स्तर में सुधार ।

(D) ये तीनों ही ।

उत्तर:

(D) ये तीनों ही ।


प्रश्न 9.

इन में से कौन-सी प्रवृत्ति आर्थिक प्रवृत्ति है ?

(A) शिक्षक

(B) किसान

(C) वकील

(D) समाजसेवा

उत्तर:

(D) समाजसेवा


प्रश्न 10.

उत्पादन का सजीव साधन कौन-सा है ?

(A) पूँजी

(B) श्रम

(C) जमीन

(D) ऊर्जा

उत्तर:

(B) श्रम


प्रश्न 11.

उत्पादन का मानवसर्जित साधन कौन-सा है ?

(A) श्रम

(B) नियोजक

(C) पूँजी

(D) जमीन

उत्तर:

(C) पूँजी


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प्रश्न 12.

उत्पादन के कितने साधन है ?

(A) 2

(B) 3

(C) 4

(D) 5

उत्तर:

(C) 4


प्रश्न 13.

उत्पादन के साधनों का उपयोग …………………………………… है |

(A) 4

(B) वैकल्पिक

(C) अनेक

(D) विविध

उत्तर:

(B) वैकल्पिक


प्रश्न 14.

इनमें से किसका समावेश सेवाक्षेत्र में नहीं होता है ?

(A) कृषि

(B) शिक्षा

(C) बैंकिंग

(D) स्वास्थ्य

उत्तर:

(A) कृषि


प्रश्न 15.

इनमें से किसका समावेश माध्यमिक क्षेत्र में होता है ?

(A) बीमा

(B) कच्ची धातु

(C) बीजली

(D) ये तीनों ही

उत्तर:

(C) बीजली


प्रश्न 16.

इनमें से कौन-सा वाक्य सत्य है ?

(A) समाजवादी पद्धति में उत्पादन की वृद्धि को प्रोत्साहन नहीं मिलता ।

(B) स्पर्धा के अभाव में समाजवादी पद्धति में संशोधन को वेग नहीं मिलता है ।

(C) साम्यवाद में व्यक्तिगत स्वतंत्रता नहीं रहती है ।

(D) उपरोक्त सभी वाक्य सत्य है ।

उत्तर:

(D) उपरोक्त सभी वाक्य सत्य है ।


प्रश्न 17.

इनमें से बाजार पद्धति की कमी है –

(A) मनमर्जी

(B) आर्थिक स्थिरता

(C) मजदूरों का शोषण

(D) ये तीनों ही

उत्तर:

(D) ये तीनों ही


प्रश्न 18.

बाजार पद्धति में सभी निर्णय किसके आधार पर लिये जाते है ?

(A) लोगों की आवश्यकता

(B) लाभ

(C) वितरण

(D) कोई भी नहीं

उत्तर:

(B) लाभ


प्रश्न 19.

निम्न में से किस देश में बाजार पद्धति है ?

(A) अमेरिका

(B) जापान

(C) इंग्लैण्ड

(D) तीनों ही

उत्तर:

(D) तीनों ही


प्रश्न 20.

बाजार पद्धति में उत्पादन साधनों की मालिकी किसकी होती है ?

(A) राज्य

(B) व्यक्तिगत

(C) संयुक्त

(D) जनता की

उत्तर:

(B) व्यक्तिगत


प्रश्न 21.

कौन-सा लक्षण बाजार पद्धति का है ?

(A) उत्पादन साधनों की मालिकी व्यक्तिगत होती है।

(B) आर्थिक प्रवृत्ति केन्द्र में लाभ होता है ।

(C) सरकार का हस्तक्षेप नहीं होता है ।

(D) ये तीनों ही ।

उत्तर:

(D) ये तीनों ही ।


प्रश्न 22.

इन में से कौन-सा विधान असत्य है ?

(A) बाजार पद्धति में लाभ केन्द्र में होता है ।

(B) ग्राहक को पसंदगी करने की विशाल अवसर प्राप्त होते है ।

(C) आर्थिक निर्णय भावतंत्र के आधार पर होते है ।

(D) सरकार का हस्तक्षेप पाया जाता है ।

उत्तर:

(D) सरकार का हस्तक्षेप पाया जाता है ।


प्रश्न 23.

बाजार पद्धति में आर्थिक निर्णय किसके आधार पर लिये जाते है ?

(A) लागत

(B) मांग

(C) पूर्ति

(D) भावतंत्र

उत्तर:

(D) भावतंत्र


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प्रश्न 24.

इनमें से कौन-सा देश साम्यवादी है ?

(A) चीन

(B) इंग्लैण्ड

(C) भारत

(D) एक भी नहीं

उत्तर:

(A) चीन


प्रश्न 25.

बाजार पद्धति का मुख्य उद्देश्य ………….. है ।

(A) लाभ

(B) समाज कल्याण

(C) उत्पादन वृद्धि

(D) रोजगारी वृद्धि

उत्तर:

(B) समाज कल्याण


प्रश्न 26.

इनमें से कौन-सा लक्षण समाजवादी पद्धति को लागू नहीं पड़ता है ?

(A) ग्राहकों का शोषण नहीं होता है ।

(B) आय और संपत्ति की असमानता घटती है ।

(C) संसाधनों की मालिकी राज्य की होती है ।

(D) उत्पादन के निर्णय भावतंत्र के आधार पर होते है ।

उत्तर:

(D) उत्पादन के निर्णय भावतंत्र के आधार पर होते है ।


उचित शब्दों द्वारा रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए:


1. ………….. $ से कम आयवाले देश विकासशील देश है ।

उत्तर:

(735)


2. विकासशील देशों में जनसंख्या ………………… पायी जाती है ।

उत्तर:

(अधिक)


3. विकासशील देशों में 20% धनिक लोग राष्ट्रीय आय का हिस्सा 40% और नीचे के 20% लोग ………… ….% हिस्सा रखते है ।

उत्तर:

(10)


4. ……………. विकासशील देशों का लक्षण है ।

उत्तर:

(गरीबी)


5. आर्थिक विकास ………….. तथा आर्थिक वृद्धि …………… है ।

उत्तर:

(गुणात्मक, परिमाणात्मक)


6. मानवसर्जित उत्पादन का साधन …………….. कहलाता है ।

उत्तर:

(पूँजी)


7. सामान्य रूप में विकासशील देशों में ……………….. क्षेत्र का हिस्सा अधिक होता है ।

उत्तर:

(प्राथमिक)


8. समाजवादी पद्धति में …………. के अभाव के कारण अर्थतंत्र में संशोधन को वेग नहीं मिलता ।

उत्तर:

(प्रतिस्पर्धा)


9. ………. पद्धति में व्यक्तिगत स्वतंत्रता नहीं बनी रहती है ।

उत्तर:

(समाजवादी)


GSEB Class 10 Social Science Important Questions Chapter 15 आर्थिक विकास


10. …………… में ग्राहकों को बाजार का अज्ञान होने से शोषण का शिकार बनना पड़ता है ।

उत्तर:

(बाजार पद्धति)


11. बाजार पद्धति को …………… कहते हैं ।

उत्तर:

(पूँजीवादी)


12. बाजार पद्धति के साधनों की मालिकी ………….. की होती है ।

उत्तर:

(व्यक्तिगत)


13. उत्पादन के सभी साधनों की मालिकी ……………… की होती है ।

उत्तर:

(राज्य)


14. समाजवादी पद्धति में सभी आर्थिक निर्णय ……………….. द्वारा लिये जाते है ।

उत्तर:

(राज्यतंत्र)


15. समाजवादी पद्धति में सभी आर्थिक निर्णय और नियंत्रण ………… द्वारा लिये जाते है ।

उत्तर:

(राज्य के कारखानों)


16. …………….. पद्धति में ग्राहकों का शोषण नहीं होता है ।

उत्तर:

(समाजवादी)


17. इंग्लैण्ड में …………….. आर्थिक पद्धति है ।

उत्तर:

(बाजार/पूँजीवादी)


सही जोड़े मिलाइए

1.


विभाग-A विभाग-B

1. विकासशील देशों में जनसंख्या वृद्धि दर (अ) 60%

2. विकासशील देशों में बेरोजगारी (ब) 25%

3. विकासशील देशों में राष्ट्रीय आय में कृषि (क) 3%

4. विकासशील देशों में राष्ट्रीय रोजगारी में कृषि (ड) 2%

उत्तर:


विभाग-A विभाग-B

1. विकासशील देशों में जनसंख्या वृद्धि दर (ड) 2%

2. विकासशील देशों में बेरोजगारी (क) 3%

3. विकासशील देशों में राष्ट्रीय आय में कृषि (ब) 25%

4. विकासशील देशों में राष्ट्रीय रोजगारी में कृषि (अ) 60%

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2.


विभाग-A विभाग-B

1. भारत (अ) साम्यवादी

2. चीन (ब) पूँजीवादी

3. अमेरिका (क) मिश्र अर्थतंत्र

उत्तर:


विभाग-A विभाग-B

1. भारत (क) मिश्र अर्थतंत्र

2. चीन (अ) साम्यवादी

3. अमेरिका (ब) पूँजीवादी 



GSEB Solutions Class 10 Social Science Chapter 15 आर्थिक विकास

June 29, 2022 / By Bhagya

Gujarat Board GSEB Textbook Solutions Class 10 Social Science Chapter 15 आर्थिक विकास Textbook Exercise Important Questions and Answers.


आर्थिक विकास Class 10 GSEB Solutions Social Science Chapter 15

GSEB Class 10 Social Science आर्थिक विकास Textbook Questions and Answers

1. निम्न प्रश्नों का उत्तर विस्तार से लिखिए:


प्रश्न 1.

विकासशील अर्थतंत्र के कोई भी पाँच लक्षणों की चर्चा कीजिए ।

उत्तर:

विकासशील अर्थतंत्र के लक्षण निम्न प्रकार है :


नीची प्रति व्यक्ति आय : विकासशील देशों की राष्ट्रीय आय नीची होती है, जबकि जनसंख्या वृद्धि दर अधिक होने से प्रतिव्यक्ति आय नीची रहती है । प्रति व्यक्ति आय कम होने जीवन स्तर नीचा रहता है ।


जनसंख्या वृद्धि : विकासशील राष्ट्रों में जनसंख्या वृद्धि अधिक पायी जाती है । ऐसे देशों में जनसंख्या वृद्धि दर 2% से भी : अधिक होती है।


कृषिक्षेत्र पर निर्भरता : विकासशील राष्ट्रों में कृषि मुख्य आर्थिक प्रवृत्ति होती है और देश के 60% से अधिक लोग रोजगारी के लिए कृषि पर आधारित होती है । देश की राष्ट्रीय आय में भी कृषि का योगदान 25% होता है ।


आय का असमान वितरण : विकासशील राष्ट्रों में आय तथा उत्पादन साधनों का बँटवारा असमान होता है । यह असमानता ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में होता है । विकासशील राष्ट्रों में आय और संपत्ति का केन्द्रीकरण धनिक लोगों में होता है ।



बेरोजगारी : बेरोजगारी विकासशील देशों का महत्त्वपूर्ण लक्षण है । इन देशों में बेरोजगारी की मात्रा कूल श्रमिकों का 3% से अधिक होता है । मौसमी बेरोजगारी, छुपी बेरोजगारी, औद्योगिक बेरोजगारी आदि पायी जाती है, जो लम्बे समय की बेरोजगारी होती है ।


गरीबी : गरीबी विकासशील राष्ट्र का लक्षण है, जो लोग अपनी प्राथमिक आवश्यकताएँ जैसे अनाज, कपड़ा, आवास, शिक्षण और स्वास्थ्य आदि संतुष्ट नहीं कर सकते उन्हें गरीब माना जाता है । विकासशील देशों में ऐसे लोगों का अनुपात लगभग कुल

तीसरा भाग है ।



द्विमुखी अर्थतंत्र : विकासशील देशों में अर्थतंत्र द्विमुखी होता है । एकतरफ ग्रामीण क्षेत्रों में पिछड़ी कृषि पद्धति, पुरानी यंत्र सामग्री, रूढ़िचुस्त सामाजिक ढाँचा, कम उत्पादन पाया जाता है । दूसरी तरफ शहरी क्षेत्र में आधुनिक उद्योग, नयी उत्पादन पद्धति, आधुनिक यंत्र तथा विलासी जीवन पद्धति पायी जाती है ।



मूलभूत ढाँचागत सुविधाओं अपर्याप्त : विकास के लिए अनिवार्य मूलभूत सुविधाएँ जैसे शिक्षा, परिवहन, संचार, बीजली, स्वास्थ्य, बैंकिंग आदि का कम विकास पाया जाता है ।


अंतर्राष्ट्रीय व्यापार का स्वरूप : विकासशील देशों में विदेशी व्यापार का स्वरूप और ढाँचा अलग पाया जाता है । ऐसे देशों में मुख्यत: कृषि उत्पादों और बागायती पेदाईशों तथा कच्ची धातुओं का निर्यात करते है । इन निर्यातों की माँग कम होने से मूल्य कम होता है । आयातों में औद्योगिक उत्पादों, यंत्र सामग्री की मात्रा अधिक होती हैं, ऐसी वस्तुओं के मूल्य अधिक होने

से आयात खर्च अधिक होता है । इस प्रकार विकासशील राष्ट्रों के लिए विदेशी व्यापार की शर्ते प्रतिकूल रहने से देश पर विदेशी कर्ज बढ़ता है ।


प्रश्न 2.

मनुष्य की आवश्यकताएँ अमर्यादित होती है । समझाइए ।

उत्तर:

मनुष्य की आवश्यकताएँ अमर्यादित और असंख्य होती है ।


एक आवश्यकता से दूसरी अनेक आवश्यकताएँ उद्भव होती है ।

कई आवश्यकताएँ बारबार संतुष्ट करनी पड़ती है तो कुछ विज्ञान और टेक्नोलॉजी के कारण भी उद्भव हुई है ।

इस प्रकार अनेक कारणे से आवश्यकताएँ अमर्यादित हुई है, इसलिए इन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पसंदगी करनी पड़ती है।

प्रश्न 3.

बाजारतंत्र की मर्यादाओं की जानकारी दीजिए ।

उत्तर:

बाजार पद्धति की अनेक कमियाँ हैं जो इस प्रकार है :


लाभ को ध्यान में रखकर उत्पादन होने से मोजशोख की वस्तुओं का उत्पादन बढ़ता है तथा आवश्यक प्राथमिक वस्तुओं का उत्पादन घटता है ।

राज्य की कोई नीति विषयक भूमिका न होने से प्राकृतिक संपत्ति का अपव्यय होता है ।

ग्राहकों की बाजार के प्रति अज्ञानता होने से उनका शोषण होता है ।

संपत्ति और आय का केन्द्रीकरण होने से आय की असमानता बढ़ती है ।

निरंकुशता (मनमर्जी), आर्थिक अस्थिरता, मजदूरों का शोषण आदि का भय रहता है ।

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प्रश्न 4.

मिश्र अर्थतंत्र में साधनों के वितरण की जानकारी दीजिए ।

उत्तर:

मिश्र अर्थतंत्र अर्थात् ऐसी आर्थिक पद्धति जिसमें सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्र एकदूसरे के प्रतिस्पर्धी नहीं परंतु पूरक बनकर काम करते है ।


इस पद्धति में कृषि, व्यापार, छोटे-बड़े से माल के उद्योगों आदि की मालिकी व्यक्तिगत (निजी) होती है ।

जबकि भारी उद्योग, संरक्षण सामग्री के कारखाने, रेलवे, बीजली, मार्ग, सिंचाई आदि आधारभूत, चाबीरूप क्षेत्रों की मालिकी राज्य की होती है ।

इस पद्धति में बाजार संपूर्ण स्वतंत्र नहीं होती । सरकार द्वारा भिन्न भिन्न रूप से अंकुश लगाया जाता है । इसी तरह पिछड़े क्षेत्रों में उद्योगों की स्थापना के लिए राज्य द्वारा सबसीडी, कर में राहत आदि प्रोत्साहन दिया जाता है ।

इस प्रकार मिश्र अर्थतंत्र एक ऐसी आर्थिक पद्धति है जिसमें आर्थिक निर्णयों की प्रक्रिया में आर्थिक आयोजन को मुख्य स्थान दिया जाता है । इसके लिए सार्वजनिक और निजी साहसों का सह-अस्तित्व स्वीकारा जाता है ।

इस पद्धति में अंकुश और नियंत्रण होने से ‘नियंत्रित आर्थिक पद्धति’ के रूप में पहचाना जाता है । भारत, फ्रांस आदि देशों में मिश्र अर्थतंत्र पाया जाता है ।

2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर मुद्दासर दीजिए:


प्रश्न 1.

उत्पादन के साधन के रूप में जमीन ।

उत्तर:

सामान्य अर्थ में जमीन हम पृथ्वी के धरातल पर ऊपर की परत को जमीन कहते हैं ।


अर्थशास्त्र की परिभाषा में जमीन अर्थात् सभी प्रकार की प्राकृतिक संपत्ति । जिसमें पृथ्वी के धरातल पर आये वन, नदियाँ, पर्वत, पृथ्वी के गर्भ में आये खनिजों, धातुओं आदि का समावेश होता है ।

इस प्रकार जमीन उत्पादन का प्राकृतिक साधन है ।

प्रश्न 2.

समाजवादी पद्धति की कमियाँ बताइए ।

उत्तर:

समान वितरण और सामाजिक कल्याण के उद्देश्य से अस्तित्व में आयी साम्यवादी पद्धति की निम्नलिखित कमियाँ है :


उत्पादन के साधनों की मालिकी राज्य की होने से उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन नहीं मिलता है ।

स्पर्धा के अभाव के कारण अर्थतंत्र में संशोधन को वेग नहीं मिलता ।

इस पद्धति में व्यक्तिगत स्वतंत्रता नहीं रहती ।

राज्य के संपूर्ण हस्तक्षेप के कारण लालफीताशाही का भय बना रहता है ।

प्रश्न 3.

आर्थिक वृद्धि और आर्थिक विकास के बीच अंतर लिखिए ।

उत्तर:

सामान्य रूप से आर्थिक वृद्धि और आर्थिक विकास में अंतर निम्नानुसार पाया जाता है :


विकास की प्रक्रिया के आधार पर: आर्थिक विकास गुणात्मक और आर्थिक वृद्धि परिमाणात्मक है । आर्थिक विकास प्रथम अवस्था है जबकि आर्थिक वृद्धि आर्थिक विकास के बाद की अवस्था है ।

अर्थतंत्र में होनेवाले परिवर्तनों के आधार पर : अर्थतंत्र में होनेवाले नये संशोधनों के आधार पर उत्पादन में होती वृद्धि आर्थिक विकास है । उदाहरण – कृषि क्षेत्र में गेहूँ, धान जैसी फसलों में नये विचारों की खोज होने से उत्पादन में कई गुना वृद्धि हुई । यही बात आर्थिक विकास दर्शाती है । दूसरी बुवाई लायक जमीन में वृद्धि होने से कृषिलायक उत्पादन में वृद्धि होती है उसे

आर्थिक वृद्धि कहते हैं ।

विकसित और विकासशील देशों के संदर्भ में : विकसित और विकासशील देशों के संदर्भ में दोनों में अंतर पाया जाता है । विकसीत देशों की राष्ट्रीय आय में होता विकास आर्थिक विकास कहलाता है, जबकि विकासशील देशों की राष्ट्रीय आयों में । होती वृद्धि आर्थिक विकास कहलाया ।

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प्रश्न 4.

प्राथमिक क्षेत्र पर टिप्पणी लिखिए ।

उत्तर:

अर्थतंत्र के इस विभाग में कृषि तथा कृषि के साथ संलग्न प्रवृत्ति जैसे कि पशुपालन, पशु संवर्धन, मत्स्य उद्योग, मुर्गा-बतक उच्छेर, वन, कच्ची धातुओं की खुदाई का समावेश प्राथमिक क्षेत्र में होता है । प्राथमिक क्षेत्र का विकासशील देशों में राष्ट्रीय रोजगारी और राष्ट्रीय आय में हिस्सा अधिक होता है ।


प्रश्न 5.

अंतर स्पष्ट कीजिए : आर्थिक प्रवृत्ति और बिनआर्थिक प्रवृत्ति

उत्तर:


आर्थिक प्रवृत्ति


बिनआर्थिक प्रवृत्त


आय प्राप्त करने और खर्च करने के उद्देश्य से की । जानेवाली प्रवृत्ति को आर्थिक प्रवृत्ति कहते हैं । जो प्रवृत्ति लाभ या खर्च प्राप्त करने के उद्देश्य न की गयी हो उसे बिनआर्थिक प्रवृत्ति कहते हैं ।

किसान, कारीगर, व्यापारी, शिक्षक आदि प्रवृत्ति का आर्थिक प्रवृत्ति में समावेश होता है । उदाहरण : माता अपने बालकों का लालनपालन करती व्यक्ति का समाज सेवा कार्य आदि ।

3. निम्नलिखित प्रश्नों के संक्षिप्त में उत्तर दीजिए:


प्रश्न 1.

आर्थिक विकास अर्थात् क्या ?

उत्तर:

आर्थिक विकास किसी भी देश की राष्ट्रीय आय में होनेवाली सतत वृद्धि को दर्शाता है ।

आर्थिक विकास अर्थात् :


देश की राष्ट्रीय आय में होती सतत वृद्धि ।

देश की प्रतिव्यक्ति आय में वृद्धि ।

लोगों के जीवन स्तर में सुधार होना ।

प्रश्न 2.

उत्पादन के मुख्य साधन कौन-कौन से है ? समझाइए ।

उत्तर:

प्राकृतिक संपत्ति और श्रम की सहायता से चीजवस्तुओं और सेवाओं का उत्पादन किया जाता है । यह उत्पादन करने के लिए अनेक साधनों का उपयोग किया जाता है । उत्पादन के अनेक साधन है परंतु अध्ययन के लिए इन्हें चार भागों में बाँटा गया


जमीन

पूँजी

श्रम

नियोजक ।

प्रश्न 3.

आर्थिक प्रवृत्ति अर्थात् क्या ?

उत्तर:

आय प्राप्त करने या खर्च करने के उद्देश्य से की जानेवाली प्रवृत्ति को आर्थिक प्रवृत्ति कहते हैं ।

उदाहरण:

किसान, कारीगर, व्यापारी, शिक्षक आदि की प्रवृत्ति आर्थिक प्रवृत्ति है ।


प्रश्न 4.

भारत ने कौन-सी आर्थिक पद्धति अपनायी है ?

उत्तर:

भारत ने मिश्र आर्थिक पद्धति अपनाई है ।


प्रश्न 5.

साधनों का वैकल्पिक उपयोग अर्थात् क्या ?

उत्तर:

आवश्यकताओं को संतुष्ट करने के साधन सीमित होते है परंतु उनके उपयोग वैकल्पिक होते है । उत्पादन का कोई भी साधन एक से अधिक उपयोग में आता हो तो वह साधन अनेक उपयोग रखता है । इस साधन का एक ही समय एक ही उपयोग हो सकता है, इसलिए यह उपयोग वैकल्पिक है । जैसे जमीन पर गेहूँ बोया जाये तो उसका उपयोग बाजरी या चावल बोने के लिए उस समय नहीं हो सकता ।


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4. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर सही विकल्प चुनकर दीजिए:


प्रश्न 1.

आर्थिक रूप से भारत कैसा देश है ?

(A) विकसित

(B) पिछड़ा

(C) विकासशील

(D) गरीब

उत्तर:

(C) विकासशील


प्रश्न 2.

विश्व बैंक 2004 के लेख के अनुसार कितने डॉलर से कम प्रति व्यक्ति आयवाले लोग विकासशील देश कहलाते है ?

(A) 480 $

(B) 520 $

(C) 7358

(D) 250 $

उत्तर:

(C) 7358


प्रश्न 3.

किस पद्धति को मुक्त अर्थतंत्र कहते हैं ?

(A) समाजवादी पद्धति

(B) मिश्र अर्थतंत्र

(C) बाजार पद्धति

(D) एक भी नहीं

उत्तर:

(C) बाजार पद्धति


प्रश्न 4.

पशुपालन व्यवसाय का समावेश अर्थतंत्र के किस विभाग में किया जाता है ?

(A) माध्यमिक

(B) प्राथमिक

(C) सेवा क्षेत्र

(D) ये तीनों ही

उत्तर:

(B) प्राथमिक




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