હિન્દી


કેતન જોષી

Example of a blinking text using CSS within a marquee Example of a blinking text using CSS within a marquee ધોરણ 1 થી 12 બુક માં પીડીએફ ફાઈલ/ટૂંક સમયમાં વિડિયો ફાઈલ મુકવામાં આવશે/મોબાઇલમાં પીડીએફ ફાઇલ ખુલશે .

Chapter 17 आर्थिक समस्याएँ और चुनौतियाँ: गरीबी और बेरोजगारी

 GSEB Class 10 Social Science Important Questions Chapter 17 आर्थिक समस्याएँ और चुनौतियाँ: गरीबी और बेरोजगारी



Gujarat Board GSEB Class 10 Social Science Important Questions Chapter 17 आर्थिक समस्याएँ और चुनौतियाँ: गरीबी और बेरोजगारी Important Questions and Answers.


GSEB Class 10 Social Science Important Questions Chapter 17 आर्थिक समस्याएँ और चुनौतियाँ: गरीबी और बेरोजगारी

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर विस्तार से दीजिए:


प्रश्न 1.

बेरोजगारी किसे कहते हैं ? बेरोजगारी के प्रकार समझाइए ।

उत्तर:

जो व्यस्क उम्र (15 से 60 वर्ष) के हो, जो बाजार में प्रवर्तमान वेतनदर पर काम करने की इच्छा और वृत्ति रखता हो, काम करने की योग्य शक्ति और योग्यता रखता हो, काम की खोज में होने के उपरांत काम प्राप्त नहीं कर सकता हो उसे बेरोजगार कहते हैं ।

बेरोजगारी के प्रकार :

1. ऋतुगत बेरोजगारी : भारत में कृषि क्षेत्र में सिंचाई की अपर्याप्त सुविधा, बरसात की अनियमितता और वैकल्पिक रोजगारी के अवसरों के अभाव से तीन से पाँच मास बेरोजगार रहना पड़ता है उसे ऋतुगत या मौसमी बेरोजगारी कहते हैं ।


2. घर्षणजन्य बेरोजगारी : पुरानी तकनीकि के स्थान पर नई तकनीकि आये तब कुछ समय श्रम बेरोजगार बनता है, उसे घर्षणजन्य बेरोजगारी कहते हैं ।



3. ढाँचागत बेरोजगारी : भारतीय अर्थव्यवस्था पिछड़ी और रूढ़िचुस्त है, सामाजिक पिछड़ापन, परंपरागत रुढ़िया, रिवाज, निरक्षरता और ढाँचागत सुविधाओं के अभाव में ढाँचागत बेरोजगारी पायी जाती है ।



4. प्रच्छन्न (छुपी बेरोजगारी) : किसी भी काम-धंधे, व्यवसाय में आवश्यकता से अधिक श्रमिक लगे हो, इन अतिरिक्त श्रमिकों को उत्पादन कार्य में से निकाल लेने से कुल उत्पादन में कोई फर्क नहीं पड़ता हो इन अतिरिक्त बेरोजगारों को प्रच्छन्न या छुपा बेरोजगार कहते हैं ।


5. औद्योगिक बेरोजगारी : औद्योगिक क्षेत्र में होनेवाले परिवर्तन के कारण जो व्यक्ति कम या लंबे समय के लिए काम के बिना रहना पड़ता हो तो ऐसी स्थिति को औद्योगिक बेरोजगारी के रूप में पहचाना जाता है ।


6. शिक्षित बेरोजगारी : कम से कम माध्यमिक शिक्षा प्राप्त हो और जो व्यक्ति बेरोजगार हो तो उसे शिक्षित बेरोजगार कहते हैं ।


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर मुद्दासर दीजिए:


प्रश्न 1.

गरीबी रेखा के नीचे जीवन जीनेवाले लोगों का जीवन स्तर सुधारने हेतु सरकार द्वारा हुए प्रयासों की जानकारी दीजिए ।

उत्तर:

ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में गरीबी रेखा के नीचे जीवन जीनेवाले परिवारों की आय कम है ऐसे परिवारों को अंत्योदय परिवार या गरीबी रेखा के नीचे जीवन जीनेवाले (BPL) कहते हैं ।


सरकार ने ऐसे परिवारों की पहचान करके राशनकार्ड के आधार पर सार्वजनिक वितरण व्यवस्था की है । ऐसी दुकानों को सार्वजनिक वितरण की दुकाने कहते हैं ।

ऐसी दुकानों में प्रतिमास आवश्यक चीजवस्तुओं जैसे अनाज, चीनी, तेल, नमक, केरोसीन आदि उपलब्ध करवाया जाता है ।

ये सभी उनके जीवन स्तर को सुधारने के प्रयत्न थे ।

प्रश्न 2.

श्रमशक्ति के आयोजन की जानकारी दीजिए ।

उत्तर:

श्रमशक्ति के आयोजन के क्षेत्र में सरकार ने रोजगारी के क्षेत्र में नये क्षेत्रों को खोला ।


कम्प्यूटर टेक्नोलॉजी, इन्फर्मेशन टेक्नोलॉजी, फार्माक्षेत्र, बिजनेश मेनेजमेन्ट, धंधाकीय व्यवस्थापन, पेकिंग और प्रोसेसिंग,आउटसोर्सिंग, मार्केटिंग, केटरींग, इवेन्ट मेनेजमेन्ट, ऑफिस मेनेजमेन्ट, होटल मेनेजमेन्ट, शेर-स्टोक मार्केटिंग आदि नवीन क्षेत्रों में रोजगारी के विपुल अवसर है । इसलिए इन क्षेत्रों के अनुरुप स्थानिय आवश्यकताओं के पूरक नये पाठ्यक्रम युनिवर्सिटियों में शामिल किया गया है । उनके अनुरूप शिक्षण, प्रशिक्षण और प्रशिक्षण संस्थाओं के पाठ्यक्रम बदले गये है ।

इनके माध्यम से नोकरी की वर्तमान और भविष्य की जरूरत को पुरा कर सके ।

श्रम की माँग के अनुरुप युवाओं को शिक्षण प्राप्ति के अंत में स्वरोजगारी के अवसर प्राप्त कर सके उसके लिए कम समय के डिप्लोमा सर्टिफिकेट प्रत्यक्ष प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों जैसे कि स्पिनिंग, विविंग, टर्निंग, प्लम्बिंग, रेडियो, टी.वी., फ्रिज, मोबाईल ऐसी रिपेयरिंग के कोर्ष शुरु किये गये है ।

ओटोमोबाईल के क्षेत्र में आयी क्रान्ति के अनुरुप इलेक्ट्रोनिक्स, कम्प्यूटर साइन्स, जिनेटिक साइन्स, एरो-स्पेस – रोबर्ट मेकिंग क्षेत्र में नये कोर्ष का प्रशिक्षण देकर कुशल कारीगर, इन्जिनियर और टेक्निशियन तैयार हो रहे है तथा नये धंधे उद्योग शुरू करने के लिए उद्योग साहसियों को ‘स्टार्टअप इण्डिया’ के तहत सस्ती लोन की सहायता देने के प्रयत्न भी हुए है ।

स्थानीय उद्योगों के साथ रहकर प्रशिक्षण संस्थाओं के सहयोग से परस्पर संकलन द्वारा संभव बना है । जिससे स्थानिय आवश्यकताओं की माँग के अनुसार श्रमिकों की पूर्ति करके रोजगारी के नये अवसर सर्जित करके व्हाईट कोलर जोब के स्थान पर सरकारी आर्थिक सहायता द्वारा स्वरोजगारी पोषित करे ऐसे शैक्षणिक पाठ्यक्रमों में और शैक्षणिक खर्च सस्ता और प्रवेश

सरल बने ऐसा वातावरण सर्जित करना चाहिए ।

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प्रश्न 3.

मनरेगा योजना में कौन-से कार्य करवाए जाते है ?

उत्तर:

ग्राम्य विकास कार्य, व्यक्तिगत शौचालय बनवाना, व्यक्तिगत कुँआ, जमीन समतल करना, बागायती कार्य, इन्दिरा आवास योजना में मजदूरी कार्य, पशुओं के छप्पर, जैविक खाद बनाना, मुर्गी-बतन के लिए शेड, मछली सुकाने के यार्ड, केनाल सफाई, जलसंग्रहन

के कार्य, मार्गों के वनीकरण जैसे अनेक कार्य मनरेगा योजना में करवाए जाते है ।


प्रश्न 4.

गरीबी निवारण के कार्यक्रमों (PAD) को किन पाँच भागों में बाँटा गया है ?

उत्तर:


वेतनयुक्त रोजगारी के कार्यक्रम

स्वरोजगारी के कार्यक्रम

अन्नसुरक्षा के कार्यक्रम

सामाजिक सुरक्षा के कार्यक्रम

शहरी गरीबी निवारण के कार्यक्रम ।

प्रश्न 5.

आदिवासी महिलाओं के लिए सरकार ने कौन-सी योजना चलाई थी ?

उत्तर:

आदिवासी महिलाओं के पशुपालन के लिए ‘संकलित डेयरी विकास योजना’ के अधीन कृषि विषयक और बागायती खेती के विकास के लिए फसलों के मंडप बनाने में सहायता, सजीव खेती ग्रेडिंग और पेकेजिंग के प्रशिक्षण और मार्गदर्शन प्रदान किया


प्रश्न 6.

सेन्द्रिय कृषि प्रोत्साहन योजना की जानकारी दीजिए ।

उत्तर:

सेन्द्रिय कृषि प्रोत्साहन देने में, रजिस्ट्रेशन में, फीस में सहायता, कृषि सामग्री की खरीदी में सहायता, किसानों को प्रशिक्षण शिक्षण की व्यवस्था, कम दर पर कर्ज, उचित बाजार व्यवस्था खड़ी करने जैसे कदम उठाकर पर्यावरण की देखभाल और कृषि खर्च में कमी हो यह इस योजना का उद्देश्य है ।


प्रश्न 7.

मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना की जानकारी दीजिए ।

उत्तर:

इस योजना के तहत मार्गों के निर्माण का आयोजन किया । गाँव एक-दूसरे के साथ सड़क मार्गों से तथा हाईवे से जुड़े रहे इसके लिए ग्राम पंचायतों को सहायता दी, शौचालय बनाने के कार्य जैसे रोजगार-लक्षी कार्यक्रम अमल में रखें ।


प्रश्न 8.

सांसद आदर्श ग्राम योजना की जानकारी दीजिए ।

उत्तर:

इस योजना में सांसद द्वारा मतक्षेत्र में दत्तक लिये गाँवों में शिक्षण, स्वास्थ्य, रोजगार की सुविधाएँ बढ़ाकर आधुनिकतम सुविधायुक्त ‘आदर्श गाँव’ की रचना द्वारा स्थलांतर रोकना, सार्वजनिक सुविधा के कार्यों द्वारा रोजगारी उत्पन्न करने के प्रयास करना, मानव विकास में वृद्धि करने जैसे उमदा उद्देश्य है ।



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प्रश्न 9.

मिशन मंगलम् की जानकारी दीजिए ।

उत्तर:

मिशन मंगलम् द्वारा राज्य सरकार गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करनेवाले परिवारों की महिलाओं को सखीमंडल और स्वसहाय समूह में जोड़कर कौशल्यवर्धक प्रशिक्षण देकर पापड़, अचार, अगरबत्ती बनाते गृहउद्योगों के विकास के माध्यम से रोजगार उपलब्ध करवाकर गरीबी रेखा के ऊपर लाना है ।


प्रश्न 10.

ज्योति ग्रामोद्योग विकास योजना की जानकारी दीजिए ।

उत्तर:

इसमें ग्रामीण क्षेत्र में आय और उद्योग साहसियों के लिए ग्रामीण बेरोजगारों को ग्राम्य क्षेत्र में उद्योग स्थापित करने के लिए प्लांट, यंत्रसामग्री, बीजली, जमीन आदि के लिए आर्थिक सहायता, सबसीड़ी देकर स्वरोजगारी उत्पन्न करने का उद्देश्य है । ‘स्टार्ट अप इण्डिया’ में नये आइडिया के साथ बेरोजगार युवा उद्योग साहसियों को प्रशिक्षण, मुफ्त बीजली, जमीन और आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है ।



प्रश्न 11.

शिक्षित और युवा बेरोजगारी के लिए क्या प्रयत्न करने चाहिए ?

उत्तर:

शिक्षित बेरोजगारी और युवा बेरोजगारी घटाने के लिए उनमें कौशल्य का विकास करना और शिक्षा के अनुसार रोजगार उपलब्ध करवाना।


कुशल कारीगर पैदा हो ऐसी व्यवसायलक्षी या तकनिकी शिक्षणनीति अपनानी ।

विद्यालयों-कॉलेजों के अभ्यासक्रम वहाँ के स्थानीय उद्योगों की जरूरतों को संतुष्ट कर सके ऐसे रखना ।

युवा बेरोजगारों को शिक्षण और प्रशिक्षण देकर उनमें विशिष्ट कौशल्यों का विकास करके, उत्पादन के साथ गुणवत्ता बढ़े, रोजगारी बढ़े, अधिक आय मिले और जीवनस्तर ऊँचे आये ऐसे प्रयत्न करने चाहिए ।

उन्हें सतत काम मिल सके ऐसा आश्वासन देना ।

काम की नयी परिस्थिति के अनुसार नयी जानकारी प्राप्त करके उन्हें योग्य, सक्षम बनाकर स्वरोजगार प्राप्त कर सके और वैश्विक देशों की श्रमशक्ति की तुलना में वैश्विक स्तर पर भारतीय युवा समकक्ष खड़ा रह सके ऐसी परिस्थिति सर्जित करने के प्रयत्न करें ।

प्रश्न 12.

भारत सरकार और श्रम मंत्रालय ने युवा रोजगारों के लिए क्या कार्य किया है ?

उत्तर:

युवा रोजगारों को औद्योगिक विकास के साथ उनके ज्ञान, समझ, उत्साह और कार्यक्षमता बढ़े इसके लिए प्रशिक्षण द्वारा कौशल्य विकास के अनेक कार्यक्रम ‘मेक इन इण्डिया’, ‘स्कील इण्डिया’ और ‘डिजिटल इण्डिया’ जैसी महत्त्वाकांक्षी योजनाएं लागू की टेक्निकल संस्थाओं, कॉलेजों और युनिवर्सिटीयों की स्थापना देशभर में करके उन्हें व्यावसायिक पाठ्यक्रमों और आधुनिकतम टेक्नोलॉजी के अनुरूप शिक्षण की सुविधाएँ उपलब्ध करवाकर विद्यालयों – कॉलेजों में नवीनतम पाठ्यक्रमों, व्यावसायिक और


टेकनिकल शिक्षण द्वारा रोजगारी की माँग के अनुसार सक्षम बनाने के प्रयत्न किये है ।

वर्तमान में प्रत्येक राज्य में एक IIT और IIM जैसी संस्थाओं की स्थापना की जा रही है।

प्रश्न 13.

वाजपाई बेंकेबल योजना क्यों अमल में रखी गयी ?

उत्तर:

शहरी और ग्रामीण बेरोजगारों को जिनकी उम्र 18 से 35 वर्ष है और 4 कक्षा पास हो, उन्हें प्रशिक्षण देकर उद्योग के लिए या वंशपरंपरागत कारीगरों को धंधे के लिए निश्चित रकम का कर्ज देकर स्वरोजगारी कार्यक्रम अमल में है । 19. प्रच्छन्न-छुपी बेरोजगारी किसे कहते हैं ? उत्तर : किसी भी कामधंधे व्यवसाय में यदि आवश्यकता से अधिक श्रमिक लगें हो, इन अतिरिक्त श्रमिकों को उत्पादन कार्य से निकाल लिया जाये तो भी कुल उत्पादन में कोई परिवर्तन न हो तो इन अतिरिक्त श्रमिकों को प्रच्छन्न (छुपी) बेरोजगारी कहते हैं ।


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प्रश्न 14.

भारत में शहरी मजदूरी किस स्वरूप में पायी जाती है ?

उत्तर:

शहरी क्षेत्रों में बसनेवाले मजदूरों में कामचलाऊ मजदूर, बेरोजगार दैनिक श्रमिक, घरनोकर, रिक्षाचालक, चाय-नास्ते की ठेली गल्ले, होटल-ढाबे पर, ऑटो गेरेज में काम करनेवाले श्रमिक, भिक्षुकों और अपनी न्यूनतम जीवन की आवश्यक वस्तुओं को संतुष्ट कर नहीं सकते और गरीबी में पिस रहे है ।


प्रश्न 15.

UNDP-2015 की रिपोर्ट के अनुसार भारत में गरीबी की जानकारी दीजिए ।

उत्तर:

UNDP-2015 की रिपोर्ट के अनुसार भारत में 2011-12 में कुल जनसंख्या के 21.92% लोग गरीब थे ।


जिसमें से ग्रामीण क्षेत्रों में 25.7% और शहरी क्षेत्रों में 13.7% लोग गरीब थे ।

भारत के कुल गरीब 26.93 करोड़ में से ग्रामीण क्षेत्र में 21.65 करोड़ और शहरी क्षेत्र में 5.28 करोड़ लोग गरीबी रेखा के नीचे जीवन जीते थे ।

भारत में सबसे अधिक गरीबी की मात्रा छत्तीसगढ़ (36.93%) और सबसे कम गरीबी गोवा में (5.09%) है ।

निम्नलिखित विषयों पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए:


प्रश्न 1.

विश्व श्रम बाजार :

उत्तर:

विश्व के देश अपने श्रमिकों का आदान-प्रदान करते हैं इसे विश्व श्रम बाजार कहा जाता है । अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर श्रमिकों को एक देश में से होनेवाला स्थलान्तरण रोजगारी के लिए, व्यापार उद्योग के लिए तथा उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए होता है । उच्च टेकनिकल ज्ञान और उच्च शिक्षण की प्राप्ति के लिए विदेश में जाना ध्यानाकर्षक ढंग से बढ़ा है । अधिक शिक्षण ज्ञान और कुशलता प्राप्ति के लिए, अधिक सुविधा, अधिक आय और अच्छी नौकरी की खोज में बुद्धि धन का बहिर्गमन अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर बुद्धि धन का स्थलान्तरण है । बुद्धिशाली और प्रतिभाशाली व्यक्ति और तालीम प्राप्त कुशल और सुसज्ज कारीगरों का अन्य देशों में स्थानान्तरण होना या स्थायी हो जाने के आचरण के कारण हमारे देश में बुद्धि प्रतिभाशाली टेकनिकल ज्ञान से सम्पन्न और वैज्ञानिक मानसवालें प्रतिभाओं की कमी स्पष्ट रूप से दिखायी देती है, जिसका देश के सर्वांगीण विकास पर विपरीत प्रभाव पड़ता है ।


हालांकि विदेशों में गये हुए श्रमिकों के माध्यम से विदेशी मुद्रा के रूप में आय के रूप में अधिक धन आता है । विदेशी कमाई अपने देश में आने से विदेशी मुद्रा या पूँजी की समस्या कुछ अंश तक कम होती है । वैश्विकीकरण और उदारीकरण से उच्च ज्ञान प्राप्ति के कारण, अर्थव्यवस्था में एक नई स्थिति का निर्माण हुआ है जहाँ अत्याधुनिक कुशल और जानकारी तकनीक (आई.टी.) संदेशाव्यवहार, टेक्नोलॉजी, जानकारी संचार टेक्नोलॉजी, कम्प्यूटर के क्षेत्र में कुशलता प्राप्त करनेवाले व्यक्तियों की माँग बढ़ी है । इस विशिष्ट प्रकार की कुशलता प्राप्त लोगों के माग की पूर्ति के साथ एक देश दूसरे देशों के ऐसे विशेष तालीम प्राप्त व्यक्तियों की मांग की पूर्ति के साथ अनेक देश दूसरे देशों के ऐसे विशेष तालीम प्राप्त व्यक्तियों, विशेषज्ञों की भर्ती करते है और उन्हें आकर्षित करने के लिए अनेक आकर्षक युक्ति-प्रयुक्तियाँ अजमाते हैं । श्रम का निर्यात करनेवाले भारत जैसे देश और पूँजी का निर्यात करनेवाले विकसित देशों के बीच स्पर्धा को ध्यान में रखकर ऐसी प्रवृत्तियों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है ।



प्रश्न 2.

ग्रामीण गरीबी और शहरी गरीबी :

उत्तर:

ग्रामीण क्षेत्र में गरीब – ग्रामीण क्षेत्र में बसनेवाले लोगों में भूमि-हीन कृषि मजदूर, गृहउद्योग या कुटिर उद्योगों के कारीगर, सीमांत किसान, दैनिक मजदूर, वन और पर्वतीय क्षेत्रों में रहनेवाले लोग, जनजाति, कामचलाऊ कारीगर है, जो गरीबी रेखा के नीचे जीवन जीते है । शहरी गरीब : शहरी क्षेत्रों में बसनेवाले लोगों में कामचलाऊ मजदूर, बेरोजगार दैनिक मजदूर, गृहनौकर, रिक्षाचालक, चायनास्ते की लारी-गल्ले, होटल-ढाबे पर, ऑटो-गेरेज पर काम करनेवाले श्रमिक, भिक्षुक जो अपने जीवन की न्यूनतम आवश्यकताएँ पूरी नहीं कर सकते आदि गरीबी में जीवन जी रहे है ।


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प्रश्न 3.

दीनदयाल उपाध्याय ग्रामज्योति योजना :

उत्तर:

ग्रामीण क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के अवरोध के बिना 24×7 रात-दिन सतत बीजली की पूर्ति करना, घरों और खेतों में राहत दर पर बीजली उपलब्ध करवाना, देशभर में बीजली सुविधा के बिना के 18000 गाँवों में बीजली पहुँचाने हेतु नई लाईने, नये बीजली सबस्टेशनों की स्थापना तथा कृषिक्षेत्र के बीजली के साधनों की खरीदी में सबसीड़ी के रूप में सहायता प्रदान कर गरीब किसानों की आय में सहायता प्रदान करना है । सौर ऊर्जा द्वारा बीजली प्राप्त करने, सोलर टेकनिक – साधनों के लिए भी सबसीडी दी गयी है ।


प्रश्न 4.

रोजगार विनिमय केन्द्र :

उत्तर:

रोजगार विनिमय केन्द्र रोजगारी की खोज में भटकते व्यक्तियों, श्रमिकों, मजदूरों और शिक्षित कुशल-अर्द्धकुशल युवाओं को काम देनेवाले मालिकों के साथ जोड़ने का मुख्य कार्य करते है । यह संस्था शिक्षित बेरोजगारों को दर्ज करने, काम के स्थान-प्रकार के लिए विश्वसनीय जानकारी देते है । कार्यक्षेत्र पसंद करने का मार्गदर्शन भी देती है । ये केन्द्र रोजगार क्षेत्रों जैसे मेगेजिन और सामयिकों द्वारा रोजगार की उचित जानकारी देती है । ‘मॉडल केरियर सेन्टर’ द्वारा तथा हेल्पलाइन नंबर 1800-425-1514 द्वारा लोगों को आवश्यक जानकारी, स्कील प्रोग्राम, रोजगार मेले आयोजित करना आदि में सहायता देती है । दिसम्बर 2015 तक देश में 947 रोजगार विनिमय केन्द्र थे जिनमें दिसम्बर 2012 में 468.23 लाख बेरोजगार देश में और गुजरात में 8.30 लाख बेरोजगार दर्ज हुए ।



प्रश्न 5.

उद्योग और रोजगार:

उत्तर:

उद्योगों का विकास, नयी रोजगारी के अवसर उत्पन्न करता है इसलिए नये व्यावसायिक-उद्योगों का विकास होना जरुरी है । युवाओं में उद्योग साहसी बढ़े, कुशलता, संगठन शक्ति के साथ पूँजी-निवेश जरुरी है । सरकार द्वारा कम पूँजी निवेश से प्रारंभिक कम मार्जिन के साथ यंत्र, कच्चा माल, ओफिस फर्निचर खरीदने के लिए कम ब्याज दर पर कर्ज सुविधा, बिक्री के लिए सहायता जैसी अनेक योजनाएँ स्वरोजगारी के अवसरों को प्रोत्साहन देने के कदम उठाए है । धंधा शुरू करने और चलाने के लिए टेक्निकल और व्यावसायिक ज्ञान, प्रशासनिक कुशलता, कौशल्य और सहायता देने का सरकारी प्रयत्नों के तहत हो रहा है । बैंके, वित्तीय संस्थाएँ, आर्थिक सहायता, सस्ती-सरल लोन की सुविधा और स्थानिय व्यापारी संगठनों, सेवाभावी संस्थाओं के प्रयास से महिलाओं को गृहउद्योग स्थापित करके रोजगार उपलब्ध करवाती है ।


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो वाक्यों में दीजिए:


प्रश्न 1.

एग्रो बिजनेस पोलीसी के क्या उद्देश्य है ?

उत्तर:

इस योजना द्वारा फूड प्रोसेसिंग युनिटों की स्थापन द्वारा रोजगार के अवसर बढ़ा कर गरीबी कम करना था ।


प्रश्न 2.

ई-नाम योजना का क्या उद्देश्य है ?

उत्तर:

बिजोलियों, दलालों से होनेवाले नुकसान से किसान बचे और अधिक मूल्य मिले तथा प्रतिस्पर्धा से अधिक आर्थिक लाभ मिले यह इस योजना का उद्देश्य था ।


प्रश्न 3.

ई-नाम योजना क्या है ?

उत्तर:

इसमें राष्ट्रीय कृषि बाजार खड़ा किया है जिससे किसान ऑन लाईन अपनी उत्पादकों को सूचिबद्ध करवा सकता है । व्यापारी किसी भी जगह से उनकी बोली लगा सकता है ।


प्रश्न 4.

मनरेगा योजना का क्या सूत्र है ?

उत्तर:

‘अपने गाँव में अपना काम, साथ में मिलता है उचित दाम’ यह मनरेगा योजना का सूत्र है ।


प्रश्न 5.

मनरेगा योजना में किसे लाभ दिया जाता है ?

उत्तर:

राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में रहनेवाले परिवारों के लोग व्यस्क (18 वर्ष के ऊपर के), शारीरिक श्रम कर सकें, ऐसे बिनकुशल काम करने के इच्छुक प्रति परिवार एक सदस्य को 100 दिन का सवेतन रोजगार दिया जाता है ।


प्रश्न 6.

दत्तोपंत कारीगर ब्याज सहायता योजना क्या है ?

उत्तर:

इस योजना द्वारा राज्य सरकार हस्तकला और कारीगर कुटीर उद्योगों के कारीगरों को कच्चा माल खरीदने के लिए कम ब्याज दर पर बैंक के लोन की सुविधा दी जाती है ।


प्रश्न 7.

रोजगार विनिमय केन्द्रों का मुख्य कार्य क्या ?

उत्तर:

रोजगार की तलाश में युवाओं और रोजगार देनेवाले मालिकों को जोड़ने का कार्य रोजगार विनिमय केन्द्र करते है ।


प्रश्न 8.

रोजगार विनिमय केन्द्र से जानकारी कैसे प्राप्त करते है ?

उत्तर:

मेगेजिन, सामयिको, मॉडल केरियर सेन्टर और हेल्पलाईन नंबर द्वारा ।


प्रश्न 9.

गरीबी किसे कहते हैं ?

उत्तर:

समाज का एक बड़ा वर्ग अपने जीवन की न्यूनतम आवश्यकताएँ रोटी, कपड़ा, मकान, शिक्षा और स्वास्थ्य को भोगने से वंचित रहकर जीवन गुजारता हो तो समाज की ऐसी स्थिति को गरीबी कहते हैं ।


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प्रश्न 10.

भारत में गरीबों की संख्या मापने की दो पद्धतियाँ कौन-सी है ?

उत्तर:


किसी भी एक परिवार द्वारा विभिन्न वस्तुओं एवं सेवाओं पर खर्च के आधार पर

परिवार द्वारा प्राप्त कुल आय के आधार पर ।

प्रश्न 11.

सर्वप्रथम गरीबी रेखा का विचार किसने दिया था ?

उत्तर:

सर्वप्रथम गरीबी रेखा का विचार WHO के नियामक ब्योर्ड ओरे ने दिया था ।


प्रश्न 12.

विश्व बैंक अनुसार भारत में 2010 में कितने भारतीय गरीब थे ?

उत्तर:

विश्व बैंक के प्रतिवेदन के अनुसार 2010 में भारतीय कुल जनसंख्या के लगभग 121 करोड़ में 32.7% (45.6 करोड़) लोग गरीब थे ।


प्रश्न 13.

भारत में औसतन 30% से अधिक गरीबी किन राज्यों में पायी जाती है ?

उत्तर:

भारत में औसतन 30% से अधिक गरीबीवाले राज्य छत्तीसगढ़, आसाम, उत्तर प्रदेश, मणिपुर, बिहार, अरुणाचल प्रदेश, झारखण्ड, उड़ीसा आदि है ।


प्रश्न 14.

भारत में ग्रामीण क्षेत्रों में किस स्वरूप में गरीबी पायी जाती है ?

उत्तर:

भारत में ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि मजदूर, गृहउद्योग या कुटिर उद्योग के कारीगर, सीमांत किसान, भिखारी, वेठिया मजदूर, जंगली पहाड़ी आदिवासी और कामचलाऊ मजदूरों की गरीबी पायी जाती है ।


प्रश्न 15.

सन् 2011-12 में भारत में शहरी-ग्रामीण गरीबी कितनी थी ?

उत्तर:

सन् 2011-12 में भारत में ग्रामीण गरीबी 25.7% (21.65 करोड) और शहरी गरीबी 13.7% (5.28 करोड़) थी ।


प्रश्न 16.

ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी का जिम्मेदार किसे माना जाता है ?

उत्तर:

भारतीय अर्थव्यवस्था में विकास की नीति में और कार्य योजनाओं में ग्रामीण क्षेत्र की की गयी उपेक्षा इसका मुख्य जिम्मेदार कारण है ।


प्रश्न 17.

सरकार ने गरीबों को सीधी आय और रोजगारी देने के लिए कैसी योजनाएँ चलाई है ?

उत्तर:

कृषि विकास और सिंचाई, सड़क, फसल संरक्षण, सेन्द्रिय खेती और खेत पेदाईशों के विक्रय के लिए योजनाएँ चलाई है ।


प्रश्न 18.

संकलित डेयरी विकास योजना में क्या कार्य किया जाता है ?

उत्तर:

इस योजना में कृषि विषयक और बागायती खेती के विकास के लिए बैलवाली फसलों हेतु मंडप बनाने की सहायता, सजीव खेती ग्रेडींग और पेकेजिंग की तालीम और मार्गदर्शन दिया जाता है ।


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प्रश्न 19.

‘सांसद आदर्श ग्राम योजना’ का उद्देश्य क्या है ?

उत्तर:

स्थलांतरण रोकना, सार्वजनिक स्थायी संपत्ति खड़ी करना, अच्छे जीवन के अवसरों का निर्माण करना, ग्रामोद्धार, साँस्कृतिक विरासत का जतन, सामाजिक समरसता के कार्यों द्वारा रोजगारी के प्रयास, मानव विकास में वृद्धि आदि इस योजना के उद्देश्य


प्रश्न 20.

माँ अन्नपूर्णा योजना में कितना अन्न वितरण किया जाता है ?

उत्तर:

ग्रामीण गरीबी रेखा के नीचे जीवन जीनेवालों को प्रतिमास 35 किग्रा मुफ्त अनाज तथा मध्यम वर्ग के परिवारों को प्रतिमास प्रतिव्यक्ति 5 किग्रा अनाज में 2 रु. के भाव से गेहूँ और 3 रु. के भाव से चावल उचित मूल्य की दुकानों द्वारा दिया जाता है ।


प्रश्न 21.

मिशन मंगलम योजना किसके लिए चलाई गयी है ?

उत्तर:

गरीबी रेखा के नीचे जीवन जीनेवाले परिवारों की महिलाओं के लिए ।


प्रश्न 22.

वाजपेयी बेंकेबल योजना में किसको लाभ दिया जाता है ?

उत्तर:

18 से 35 वर्ष के और 4 कक्षा पास ग्रामीण और शहरी बेरोजगारों को इस योजना का लाभ दिया जाता है ।


प्रश्न 23.

वाजपेयी बेंकेबल योजना में क्या लाभ दिया जाता है ?

उत्तर:

इसमें बेरोजगारों को प्रशिक्षण देकर उद्योगों के लिए विरासतगत कारीगरों को धंधे के लिए निश्चित रकम स्वरोजगारी हेतु कर्ज दी जाती है।


प्रश्न 24.

किन-किन को बेरोजगार नहीं माना जाता है ?

उत्तर:

जो व्यक्ति प्रवर्तमान बाजार दर से अधिक वेतन माँगे, 15 से 60 न हो, अपंग, अशक्त, रोगिष्ट, वृद्ध, आलसु, गृहिणी आदि को बेरोजगार नहीं माना जाता है ।


प्रश्न 25.

मौसमी बैरोजगारी किसे कहते हैं ?

उत्तर:

भारत में कृषि और कुटिर उद्योग देश के लोगों की मुख्य आर्थिक प्रवृत्ति है, जो किसी मौसम विशेष में रोजगारी देते है बाकी समय व्यक्ति खाली बैठा रहता है, उसे मौसमी बेरोजगारी कहते हैं ।


प्रश्न 26.

शिक्षित बेरोजगार किसे कहते हैं ?

उत्तर:

माध्यमिक या उससे अधिक शिक्षण प्राप्त जो व्यक्ति बेरोजगार हो उसे शिक्षित बेरोजगार कहते हैं ।


प्रश्न 27.

भारतीय बेरोजगारी की जानकारी कौन देता है ?

उत्तर:

भारत सरकार का श्रम और रोजगार मंत्रालय तथा नेशनल सेम्पल सर्वे (NSS) के आधार पर बेरोजगारी की जानकारी देता हैं ।


प्रश्न 28.

भारत में 2009-10 में ग्रामीण और शहरी बेरोजगारी दर कितनी थी ?

उत्तर:

सन् 2009-10 में भारत में ग्रामीण बेरोजगारी 16(1.6%) और शहरी 34 (3.4%) थी ।


प्रश्न 29.

भारत के किन राज्यों में बेरोजगारी दर ऊँची पायी जाती है ?

उत्तर:

भारत में सिक्किम, केरला, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ, जम्मू-कश्मीर, त्रिपुरा में बेरोजगारी की मात्रा अधिक पायी जाती है ।


प्रश्न 30.

भारत के किन राज्यों में बेरोजगारी की मात्रा नीची पायी जाती है ?

उत्तर:

हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, कर्णाटक, चंडीगढ़ में बेरोजगारी की मात्रा कम पायी जाती है ।


प्रश्न 31.

शिक्षित और युवा बेरोजगारी कम करने के लिए क्या उपाय करना चाहिए ?

उत्तर:

शिक्षित बेरोजगारी और युवा बेरोजगारी दूर करने के लिए उनमें कौशल्य का विकास करना और शिक्षण के अनुरूप रोजगार देना चाहिए।


प्रश्न 32.

भारत सरकार ने युवा बेरोजगारों में औद्योगिक बेरोजगारों के लिए कौन-सी योजनाएँ चलाई है ?

उत्तर:

‘मेक इन इण्डिया’, ‘स्कील इण्डिया’ और ‘डिजिटल इण्डिया’ जैसी महत्त्वाकांक्षी योजनाएँ चलाई है ।


प्रश्न 33.

टेकनिकल शिक्षण द्वारा रोजगारी की माँग अनुसार सक्षम बनाने के लिए सरकार ने प्रत्येक राज्य में कौन-सी संस्थाएँ खोली

उत्तर:

इसके लिए अनेक राज्य में एक IIT और IIM जैसी उच्च संस्थाएँ स्थापित की गयी है ।


प्रश्न 34.

स्टार्टअप इण्डिया में क्या व्यवस्था की गयी है ?

उत्तर:

नये उद्योग शुरू करनेवाले उद्योग साहसियों के लिए ‘स्टार्टअप इण्डिया’ के तहत सस्ती लोन उपलब्ध करवाने की व्यवस्था की गयी है ।


GSEB Class 10 Social Science Important Questions Chapter 17 आर्थिक समस्याएँ और चुनौतियाँ: गरीबी और बेरोजगारी


निम्नलिखित विधानों के कारण स्पष्ट कीजिए:


प्रश्न 1.

गरीबी और बेरोजगारी सामाजिक और आर्थिक रूप से घातक है !

उत्तर:

बेरोजगारी की समस्या हमारे आयोजन की एक कमजोर कड़ी है । गरीबी और बेरोजगारी दोनों सगी बहनें है । दोनों के बीच संबंध है । गरीबी का मुख्य कारण बेरोजगारी है । इस चुनौती स्वरूप समस्या का सबसे अधिक प्रभाव युवा शिक्षित व्यक्तियों पर पड़ता


शिक्षा के प्रति रूचि घटी है, सामाजिक और मानसिक परिस्थिति पर विपरित असर पड़ा, मनोवैज्ञानिक दृष्टि से नौकरी न मिलने से हताशा में धकेलना, यदि लंबे समय तक वे बेकार रहे तो युवाओं में असामाजिक और अनैतिक मनोवृत्तियों में जुड़ने, जैसे मादक द्रव्यों का सेवन, उनकी हेराफेरी, गैरकानूनी व्यवसायों, चोरी-लूटफाट, हप्ता वसूली जैसे अपराध करने को प्रेरित होते है । सामाजिक और आर्थिक असमानता बढ़ती है, वर्गभेद सर्जित होता है, जीवन स्तर गिरता है । बेकारी के साथ भाववृद्धि जुड़ने

से गरीबों और बेकार परिवारों की स्थिति अधिक दयनीय बनती है तथा मादक और अन्य व्यवसायों की तरफ मुड़ते है ।


इस प्रकार बेरोजगारी का असर परिवार-व्यक्ति और अर्थतंत्र पर और सामाजिक दृष्टि से भी घातक साबित होता है ।


निम्नलिखित शब्द समझाइए:


1. निरपेक्ष गरीब – सामान्य रूप से समाज के जो लोग जीवन की न्यूनतम आवश्यकताएँ रोटी, कपड़ा, मकान, शिक्षा और स्वास्थ्य को पूरा करने में असमर्थ हो उसे निरपेक्ष गरीब कहते हैं ।

2. सापेक्ष गरीब – यदि एक व्यक्ति की आय दूसरे व्यक्ति की तुलना में कम हो तो वह उसके सापेक्ष गरीब है ।


3. मनरेगा – महात्मा गाँधी राष्ट्रीय रोजगार गेरण्टी योजना ।

4. औद्योगिक बेरोजगारी – उद्योगों में होनेवाले परिवर्तनों के कारण व्यक्ति को कम या अधिक समय के लिए बेरोजगार रहना पड़ता है । उसे औद्योगिक बेरोजगारी कहते हैं ।

5. विश्व श्रम बाजार : विश्व के देश अपने श्रमिकों का आदान-प्रदान करते है, जिसे विश्व श्रम बाजार कहते हैं ।

6. BPL – गरीबी रेखा के नीचे जीवन जीनेवाले ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कम आयवाले लोग BPL कहलाते है ।

7. उचित मूल्य की दुकाने (FPSS) – गरीबी रेखा के नीचे जीवन जीनेवाले और कम आय वर्ग के लोगों सार्वजनिक वितरण व्यवस्था (PDS) के तहत कम दाम पर वस्तुएँ उपलब्ध करवाने हेतु उचित मूल्य की दुकाने खोली गयी है ।

8. घर्षणजन्य बेरोजगारी – पुरानी तकनीकि के स्थान पर नई तकनीकि आये तब कुछ समय के लिए श्रम बेरोजगार बनते है जिसे घर्षणजन्य बेरोजगारी कहते हैं ।

9. बेरोजगारी – व्यस्क उम्र (15 से 60 वर्ष) का कोई व्यक्ति बाजार में प्रवर्तमान दर पर कार्य करने की इच्छा और वृत्ति रखता है, काम की खोज में होने के उपरांत कार्य न मिले और खाली बैठा रहे उसे बेरोजगार कहते हैं ।

10. रोजगार विनिमय केन्द्र – यह संस्था रोजगार की खोज में भटकते व्यक्तियों, श्रमिकों, मजदूरों और शिक्षित कुशल, अर्द्धकुशल युवाओं को काम देने की माँग करनेवाले मालिकों से जोड़ता है ।


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर सही विकल्प चुनकर दीजिए:


प्रश्न 1.

‘श्री वाजपेयी बैंकेबल योजना’ में किसकी सहायता की जाती है ?

(A) शहरी बेरोजगार

(B) ग्रामीण बेरोजगार

(C) प्रशिक्षण प्राप्त बेरोजगार

(D) बेरोजगार महिलाएँ

उत्तर:

(B) ग्रामीण बेरोजगार


प्रश्न 2.

एग्रो बिजनेस पोलीसी कब अमल में रखी थी ?

(A) 2011

(B) 2013

(C) 2015

(D) 2016

उत्तर:

(D) 2016


प्रश्न 3.

एग्रो फूड प्रोसेसिंग युनिटों की स्थापना से कितने लोगों के रोजगार की योजना थी ?

(A) 1 लाख

(B) 5 लाख

(C) 10 लाख

(D) 11 लाख

उत्तर:

(C) 10 लाख


प्रश्न 4.

मनरेगा योजना में प्रत्येक परिवार को प्रतिवर्ष कितने दिनों का कार्य उपलब्ध करवाया जाता है ?

(A) 25

(B) 75

(C) 100

(D) 183

उत्तर:

(C) 100


प्रश्न 5.

किस बेरोजगारी में उत्पादकता शून्य होती है ?

(A) घर्षणजन्य

(B) प्रच्छन्न

(C) ढाँचागत

(D) शिक्षित

उत्तर:

(B) प्रच्छन्न


GSEB Class 10 Social Science Important Questions Chapter 17 आर्थिक समस्याएँ और चुनौतियाँ: गरीबी और बेरोजगारी


प्रश्न 6.

दिसम्बर, 2015 तक भारत में कितने रोजगार विनिमय केन्द्र थे ?

(A) 830

(B) 947

(C) 468

(D) 2015

उत्तर:

(B) 947


प्रश्न 7.

सन् 2015 में गुजरात में ……………. बेरोजगार रोजगार विनिमय केन्द्र में दर्ज थे ।

(A) 468.23 लाख

(B) 8.30 लाख

(C) 97 लाख

(D) 1.25 लाख

उत्तर:

(B) 8.30 लाख


प्रश्न 8.

योजना आयोग ने 2011-12 में ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी रेखा के लिए प्रति मास कितनी आय निश्चित की है ?

(A) रु. 816

(B) रु. 1000

(C) रु. 1500

(D) रु. 2505

उत्तर:

(A) रु. 816


प्रश्न 9.

सन् 2011-12 में भारत की कितनी जनसंख्या गरीब थी ?

(A) 29.8%

(B) 32.7%

(C) 35.47%

(D) 21.9%

उत्तर:

(D) 21.9%


प्रश्न 10.

UNDP के अनुसार भारत में कितनी जनसंख्या गरीब थी ?

(A) 13.7%

(B) 25.7%

(C) 21.92%

(D) 32.65%

उत्तर:

(C) 21.92%


प्रश्न 11.

सन् 2011-12 में गुजरात में गरीबी की मात्रा कितनी थी ?

(A) 21.65%

(B) 13.7%

(C) 25.7%

(D) 16.63%

उत्तर:

(D) 16.63%


प्रश्न 12.

भारत के किस राज्य में सबसे कम गरीबी पायी जाती है ?

(A) असम

(B) बिहार

(C) केरल

(D) गोवा

उत्तर:

(D) गोवा


प्रश्न 13.

दीनदयाल योजना द्वारा कितने गाँवों में नयी बीजली लाईन बिछाई है ?

(A) 20,000

(B) 35,000

(C) 4,500

(D) 18,000

उत्तर:

(D) 18,000


प्रश्न 14.

माँ अन्नपूर्णा योजना में गुजरात की कितनी जनसंख्या को शामिल किया गया है ?

(A) 23.6 करोड़

(B) 26.3 करोड़

(C) 6.23 करोड़

(D) 3.62 करोड़

उत्तर:

(D) 3.62 करोड़


प्रश्न 15.

कितनी उमर के काम बिना के लोगों को बेरोजगार माना जाता है ?

(A) 15 से 35

(B) 18 से 40

(C) 20 से 60

(D) 15 से 60

उत्तर:

(D) 15 से 60


प्रश्न 16.

मौसमी बेरोजगारी में व्यक्ति कितने समय तक बेरोजगार रहता है ?

(A) 1 महिना

(B) 3 महिने

(C) 4 महिने

(D) 5 महिने

उत्तर:

(D) 5 महिने


प्रश्न 17.

………………………… या उससे अधिक पढ़ा-लिखा बेरोजगार शिक्षित बेरोजगार कहलाता है ।

(A) कक्षा-4

(B) माध्यमिक

(C) उच्च प्राथमिक

(D) उच्च माध्यमिक

उत्तर:

(D) उच्च माध्यमिक


प्रश्न 18.

सन् 2011 की जनगणना के आधार पर भारत में कितने मिलियन लोग बेरोजगार थे ?

(A) 116

(B) 84

(C) 32

(D) 36

उत्तर:

(A) 116


प्रश्न 19.

सन् 2011 की जनगणना के आधार पर भारत में कितने अशिक्षित बेरोजगार थे ? (मिलियन में)

(A) 106

(B) 84

(C) 116

(D) 32

उत्तर:

(D) 32


GSEB Class 10 Social Science Important Questions Chapter 17 आर्थिक समस्याएँ और चुनौतियाँ: गरीबी और बेरोजगारी


प्रश्न 20.

भारत में 15 से 24 वर्ष के बीच कितने लोग बेरोजगार थे ?

(A) 32 करोड़

(B) 84 करोड़

(C) 16 करोड़

(D) 4.70 करोड़

उत्तर:

(D) 4.70 करोड़


प्रश्न 21.

लेबर ब्युरो के सर्वे के अनुसार भारत में 2013-14 में बेरोजगारी दर कितनी थी ?

(A) 4.5%

(B) 2.7%

(C) 5.9%

(D) 5.4%

उत्तर:

(D) 5.4%


प्रश्न 22.

सन् 2013-14 में गुजरात में बेरोजगारी दर कितनी थी ?

(A) 12 (1.2%)

(B) 4.7 (5%)

(C) 10 (1.1%)

(D) 15 (2.5%)

उत्तर:

(A) 12 (1.2%)


प्रश्न 23.

सन् 2013 में स्त्रियों में बेरोजगारी दर कितनी थी ?

(A) 5.4%

(B) 1.2%

(C) 12%

(D) 7.7%

उत्तर:

(D) 7.7%


प्रश्न 24.

भारत में उच्च शैक्षणिक योग्यतावाले …………………………….. लोग युवा है ।

(A) 10%

(B) 12%

(C) 25%

(D) 15%

उत्तर:

(D) 15%


प्रश्न 25.

विश्व की कुल जनसंख्या के …………….. % युवा ………… वर्ष के है, जो भारत में है ।

(A) 60, 25

(B) 55, 35

(C) 75, 25

(D) 66, 35

उत्तर:

(D) 66, 35


प्रश्न 26.

………………………….. की समस्या भारत की सबसे कमजोर कड़ी है ।

(A) गरीबी

(B) मूल्यवृद्धि

(C) जनसंख्या

(D) बेरोजगारी

उत्तर:

(D) बेरोजगारी


प्रश्न 27.

भारत में आर्थिक विकास की ……………… दर का लक्ष्य रखा गया ।

(A) 5%

(B) 8%

(C) 9%

(D) 10%

उत्तर:

(D) 10%


GSEB Class 10 Social Science Important Questions Chapter 17 आर्थिक समस्याएँ और चुनौतियाँ: गरीबी और बेरोजगारी


रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए:


1. मनरेगा योजना में इच्छुक व्यक्ति को रोजगार देने असमर्थ होने पर सरकार उसे …………… देती है ।

उत्तर:

(बेरोजगारी भत्था)


2. सन् 2012 तक भारत में रोजगार विनिमय केन्द्र में ……………… बेरोजगार दर्ज थे ।

उत्तर:

(468.23 लाख)


3. गरीबी मापन में परिवार की आय के आधार पर परिवार में अधिकतम …………… सदस्य संख्या निर्धारित है ।

उत्तर:

(5)


4. योजना आयोग ने सन् 2011-12 में गरीबी रेखा के नीचे जीनेवाले शहरी क्षेत्र में प्रतिव्यक्ति प्रतिमास रु. …………………………………….. खर्च निश्चित किया है ।

उत्तर:

(1000)


5. सन् 2011-12 में भारत में ……………. करोड़ लोग गरीब थे ।

उत्तर:

(27)


6. भारत में सबसे अधिक गरीबी छत्तीसगढ़ में ………………. थी ।

उत्तर:

(36.93%)


7. भारत में सबसे कम गरीबी गोवा में ………..है ।

उत्तर:

(5.09%)


8. वर्तमान सरकार ने ग्रामीण गरीबी के निदान हेतु ग्रामोदय से ………………… का कार्यक्रम चलाया है ।

उत्तर:

(भारत उदय)


9. आजादी के बाद के वर्षों में आयोजन में …………… का सूत्र था ।

उत्तर:

(गरीबी हटाओ)


10. ग्रामीण क्षेत्र में ……………. के लक्ष्य के साथ भूमि सुधार के कार्यक्रम चलाए ।

उत्तर:

(हरियाली क्रांति)


GSEB Class 10 Social Science Important Questions Chapter 17 आर्थिक समस्याएँ और चुनौतियाँ: गरीबी और बेरोजगारी


11. गरीबों को सस्ती दर पर आवश्यक वस्तुएँ उपलब्ध करवाने के लिए …………. के अधीन ………….. खोली गयी है ।

उत्तर:

(PDS, FPSS)


12. फसल के भावों को स्थिर करने के लिए ……………. की रचना की गयी है ।

उत्तर:

(क्षतिमुक्त कृषि मूल्य आयोग)


13. किसानों की फसलों की ऑनलाईन बिक्री के लिए ………….. योजना अमल में रखी है ।

उत्तर:

(ई-नाम)


14. ……………….. योजना द्वारा मार्ग बनाने के कार्य किये जाते है ।

उत्तर:

(मुख्यमंत्री ग्राम सड़क)


15. सन् 2011 की जनगणना के आधार पर भारत में ……………….. शिक्षित बेरोजगार थे ।

उत्तर:

(84 मिलियन)


16. सरकार ने बेरोजगारी निवारण के लिए ………….. उद्योगों को प्रोत्साहन दिया ।

उत्तर:

(श्रम प्रधान)


सही जोड़े मिलाइए:


1.


विभाग-A विभाग-B

1. भारत में गरीबी (अ) 29.8%

2. गुजरात में गरीबी (ब) 16.63%

3. भारत में बेरोजगारी दर (क) 1.2%

4. गुजरात में बेरोजगारी दर (ड) 5.4%

उत्तर:


विभाग-A विभाग-B

1. भारत में गरीबी (अ) 29.8%

2. गुजरात में गरीबी (ब) 16.63%

3. भारत में बेरोजगारी दर (ड) 5.4%

4. गुजरात में बेरोजगारी दर (क) 1.2%

2.


विभाग-A विभाग-B

1. श्री वाजपेयी बेंकेबल योजना (अ) ग्रामीण बेरोजगार

2. बेरोजगारों और रोजगार दाताओं के बीच की कड़ी (ब) रोजगार विनिमय केन्द्र

3. अन्न सुरक्षा की योजना (क) माँ अन्नपूर्णा योजना

4. महात्मा गाँधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी योजना (ड) मनरेगा

उत्तर:


विभाग-A विभाग-B

1. श्री वाजपेयी बेंकेबल योजना (अ) ग्रामीण बेरोजगार

2. बेरोजगारों और रोजगार दाताओं के बीच की कड़ी (ब) रोजगार विनिमय केन्द्र

3. अन्न सुरक्षा की योजना (क) माँ अन्नपूर्णा योजना

4. महात्मा गाँधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी योजना (ड) मनरेगा

3.


विभाग-A विभाग-B

1. भारत में स्त्री बेरोजगारी दर (अ) 1.6%

2. भारत में शहरी बेरोजगारी दर (ब) 3.4%

3. भारत में ग्रामीण बेरोजगारी दर (क) 7.7%

(ड) 2.5%

उत्तर:


विभाग-A विभाग-B

1. भारत में स्त्री बेरोजगारी दर (क) 7.7%

2. भारत में शहरी बेरोजगारी दर (ब) 3.4%

3. भारत में ग्रामीण बेरोजगारी दर (अ) 1.6% 



GSEB Solutions Class 10 Social Science Chapter 17 आर्थिक समस्याएँ और चुनौतियाँ: गरीबी और बेरोजगारी

February 1, 2022 / By Bhagya

Gujarat Board GSEB Textbook Solutions Class 10 Social Science Chapter 17 आर्थिक समस्याएँ और चुनौतियाँ: गरीबी और बेरोजगारी Textbook Exercise Important Questions and Answers.


आर्थिक समस्याएँ और चुनौतियाँ: गरीबी और बेरोजगारी Class 10 GSEB Solutions Social Science Chapter 17

GSEB Class 10 Social Science आर्थिक समस्याएँ और चुनौतियाँ: गरीबी और बेरोजगारी Textbook Questions and Answers

1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर विस्तार से दीजिए:


प्रश्न 1.

गरीबी निवारण के विविध उपाय समझाइए ।

अथवा

गरीबी निवारण के विविध सरकारी उपायों का वर्णन कीजिए ।

उत्तर:

स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद गरीबी निवारण देश में आयोजन का मुख्य उद्देश्य रहा है । गरीबी निवारण के लिए सरकार ने आयोजन में चार प्रकार की व्यूहरचना अपनाई थी ।

1. आयोजन में बड़े और भारी उद्योगों को प्रोत्साहन देने से और हरियाली क्रांति के कारण देश में रोजगारी और आय में वृद्धि होगी जिससे आर्थिक विकास गतिशील बनेगा ऐसा सरकार को विश्वास था । साथ ही समाज के अमीर वर्ग तक इन लोगों को पहुँचाने से देश के अन्य वर्गों को विशेषतः गरीबों तक धीमे-धीमे ये लाभ पहुँचेंगे और गरीबों की अवस्था में बदलाव होगा यह आशा थी । किन्तु देश के मन्द आर्थिक विकास और विकास के लाभों के असमान वितरण के कारण गरीबी में अपेक्षित कमी नहीं हो सकी है ।


2. जमीनदारी प्रथा खत्म करना, गणोतियों की जमीन उन्हीं के पास रहे इसलिए गणोतधारा कार्यक्रम अमल, गणोतियों के लिए जमीन मालिकी के अधिकार प्राप्ति से सम्बन्धित व्यवस्था, जमीन शिखर मर्यादा कानून, फाजिल जमीन का भूमिहीन किसानों को वितरण, गणोत का नियमन, जोतनेवाले के अधिकार की सुरक्षा, जमीन की हद का सीमांकन करना जैसे अनेक जमीन कानून सुधार के उपाय सरकार ने किये हैं । इन कार्यक्रमों के द्वारा ग्राम्य क्षेत्रों में आय की असमानता के स्तर को कम करने के प्रयत्न किये हैं ।


3. सरकार ने कृषि पर आधारित उद्योगों, डेरी उद्योगों, छोटी-बड़ी सिंचाई योजनाएँ, गृह उद्योगों और लघु उद्योगों को प्रोत्साहन दिया है । इनमें यंत्रों का उपयोग कम होने से रोजगारी के मौके बढ़े तथा साथ ही सरकार ने कई चीजवस्तुओं का उत्पादन कार्य ऐसे उद्योगों तक कानून के द्वारा आरक्षित कर दिया है ।



4. सरकार ने आय के समान वितरण के लिए कई उपाय किये हैं जिससे अमीर और गरीब के बीच का अन्तर कम हो सके । साथ ही अमीर वर्ग और मध्यम वर्ग पर कर डाले गये ।



5. अमीर वर्ग के द्वारा उपयोग में ली जानेवाली मोज-शोख, भोग-विलास, सुख-सुविधा की वस्तुओं के उत्पादन को अधिक प्राधान्य न मिले इसलिए इसके उत्पादन पर अधिक कर या जकात लगाई गई । दूसरी ओर गरीब वर्ग की आवश्यक एवं रोजमर्रा की उपयोगी वस्तुओं के उत्पादन को सर्व प्राथमिकता देकर ये वस्तुएँ बाजार मूल्यों से भी कम मूल्य पर उन्हें प्राप्त हो सके ऐसी सार्वजनिक वितरण व्यवस्था उपस्थित की ऐसा करने से गरीबों की उपयोगी वस्तुओं का उत्पादन बढ़े, रोजगारी बढ़े और जीवन स्तर सुधर सकेगा ।



इनकी कार्यक्षमता बढ़ सके इसके लिए व्यावसायिक तालीम और शिक्षण की सुविधा सरकार करती है जिससे अंत में आय में वृद्धि होती है। शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, परिवार नियोजन, संदेशा व्यवहार, रास्ता, सिंचाई, कुशलता क्षेत्र के विकास के लिए कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में अमली किये गए हैं । ग्राम्य युवकों के लिए स्वरोजगारी के मौंकों का सर्जन किया है । शिक्षा प्रथा में सुधार करके टेकनिकल और व्यवसायलक्षी अध्ययन कार्यक्रमों का व्याप बढ़ा है ।



प्रश्न 2.

गरीबी निवारण कार्यक्रम के अधीन ‘कृषिक्षेत्र’ तथा ‘ग्रामोदय से भारत उदय’ के तहत भारत सरकार द्वारा किये गये उपायों । का वर्णन कीजिए ।

उत्तर:

(1) कृषि क्षेत्र:

(अ) प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना : राष्ट्रीय कृषि योजना के तहत कृषि वृद्धि दर बढ़े, कृषि से संलग्न विभाग बढ़े, सिंचाई की सुविधाओं में वृद्धि करना । जमीन को सिंचाई के अधीन ले लेना टपका सिंचाई करना, प्रत्येक खेत में पानी मिले, जल संकट दूर करने के लिए छोटे-बड़े, मध्यम कद के चेकडेम खड़े करना जैसे अनेक कदम उठाकर किसानों को जोखिम

और कर्ज से बचाना तथा रोजगार द्वारा आय प्रदान कर गरीबी से उभारने का प्रयत्न है ।



(ब) प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना : इसके तहत कृषि बीमा योजना को अधिक सुग्रथित करके प्राकृतिक आपदाओं से किसानों को होनेवाले नुकसान से आर्थिक सहायता करना, समर्थन मूल्य पर कपास की खरीदी, बोनस और फसल के नुकसान का भुगतान करना शुरू किया है । मूल्यों में स्थिरता के लिए ‘क्षतिमुक्त कृषिभाव आयोग’ की रचना की है ।


(क) राष्ट्रीय पेय जल कार्यक्रम : इसके तहत खेत को पानी, केनाल के ढाँचे को सुधारना, जमीन कटाव रोकना, अनुसूचित जनजाति के किसानों को नयी ट्युबवेल, क्षारप्रवेश नियंत्रण जैसे कार्यक्रम अमल में लागू रख्ने तथा तालाबों का निर्माण, वॉटर सेड विकास, टंकी निर्माण, बरसादी पानी संग्रह, वृक्षारोपण, नेहर की लाईनिंग बना, वृक्षारोपण करना, चैकडेम पुनरोद्धार के रोजगारी कार्यक्रम अमल में रखना ग्रामीण क्षेत्र में कृषि पर आधारित गरीब परिवारों को गरीबी से बाहर लाने के आर्थिक सहायता की है ।



(ड) ई-नाम योजना : इससे राष्ट्रीय कृषि बाजार उत्पन्न किया जिससे किसान ओनलाईन अपनी उत्पादनों को सूचिबद्ध करा सकते हैं । व्यापारी किसी भी स्थान पर उन उत्पादकों की बोली लगा सकते हैं । बिचोलियों, दलालों से होनेवाले नुकसान से किसानों

को बचाकर अधिक मूल्य प्राप्त हो और प्रतिस्पर्धा से अधिक आर्थिक लाभ मिले यह इस योजना का उद्देश्य है ।


(2) ग्रामोदय से भारत उदय:

इस कार्यक्रम द्वारा किसानलक्षी योजनाओं में वन्य प्राणियों से होनेवाले नुकसान की फसलों का सुरक्षा हेतु तार की बाड़ लगाने की आर्थिक सहायता, कमी या अकाल के समय पशुधन की सुरक्षा के लिए घास उत्पादन और पशु शेल्टर बनाने की सहायता, अत्याधुनिक सेटेलाइट और ड्रोन टेक्नोलॉजी से बरसाद की आगाही और खनिज क्षेत्र खोजने, जमीन का सर्वे करके रिकोर्ड बनाए रखना, खेती में यंत्रीकरण के लिए ट्रेक्टर तथा मिनी ट्रेक्टर की खरीदी में कम ब्याज दर पर लोन और सबसीडी की सहायता, बागायती फसलों की गुणवत्ता सुधारने, कृषि कर्ज मंडलियों में कम्प्यूटराईजेशन, कपास, दलहन, मसालों का उत्पादन के लिए नई टेस्टींग लेबोरेटरी की स्थापना, पोषणक्षम भाव मिले ऐसा प्रबंध, जल संग्रह हेतु जलाशयों से काँप दूर करके गहरे करना, बड़े करना, खेत तालाबों का निर्माण करना, जलाशयों की केनाल और काँस की सफाई और लंबाई में वृद्धि करना, जलमंदिरों का निर्माण, पुनः स्थापन और चेकडेम की मरम्मत और जल की संग्रह शक्ति में वृद्धि करना जैसे अनेक कार्य हाथ में लिये है, जिसमें कृषि के सिवाय के समय में रोजगारी मिले और उसके साथ ग्रामीण क्षेत्र में स्थायी संपत्ति का निर्माण हो । इस प्रकार किसानों को कर्ज से उभारने के प्रयास रूप विविध प्रकार से सहायता प्रदान करने के प्रयत्न केन्द्र और राज्य सरकार ने इस योजना में किया ।


GSEB Solutions Class 10 Social Science Chapter 17 आर्थिक समस्याएँ और चुनौतियाँ: गरीबी और बेरोजगारी


प्रश्न 3.

गरीबी निवारण के मुख्य सरकारी उपायों की जानकारी दीजिए।

उत्तर:

स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद गरीबी निवारण देश में आयोजन का मुख्य उद्देश्य रहा है । गरीबी निवारण के लिए सरकार ने आयोजन में चार प्रकार की व्यूहरचना अपनाई थी ।

1. आयोजन में बड़े और भारी उद्योगों को प्रोत्साहन देने से और हरियाली क्रांति के कारण देश में रोजगारी और आय में वृद्धि होगी जिससे आर्थिक विकास गतिशील बनेगा ऐसा सरकार को विश्वास था । साथ ही समाज के अमीर वर्ग तक इन लोगों को पहुँचाने से देश के अन्य वर्गों को विशेषतः गरीबों तक धीमे-धीमे ये लाभ पहुँचेंगे और गरीबों की अवस्था में बदलाव होगा यह आशा थी । किन्तु देश के मन्द आर्थिक विकास और विकास के लाभों के असमान वितरण के कारण गरीबी में अपेक्षित कमी नहीं हो सकी है ।


2. जमीनदारी प्रथा खत्म करना, गणोतियों की जमीन उन्हीं के पास रहे इसलिए गणोतधारा कार्यक्रम अमल, गणोतियों के लिए जमीन मालिकी के अधिकार प्राप्ति से सम्बन्धित व्यवस्था, जमीन शिखर मर्यादा कानून, फाजिल जमीन का भूमिहीन किसानों को वितरण, गणोत का नियमन, जोतनेवाले के अधिकार की सुरक्षा, जमीन की हद का सीमांकन करना जैसे अनेक जमीन कानून सुधार के उपाय सरकार ने किये हैं । इन कार्यक्रमों के द्वारा ग्राम्य क्षेत्रों में आय की असमानता के स्तर को कम करने के प्रयत्न किये हैं ।


3. सरकार ने कृषि पर आधारित उद्योगों, डेरी उद्योगों, छोटी-बड़ी सिंचाई योजनाएँ, गृह उद्योगों और लघु उद्योगों को प्रोत्साहन दिया है । इनमें यंत्रों का उपयोग कम होने से रोजगारी के मौके बढ़े तथा साथ ही सरकार ने कई चीजवस्तुओं का उत्पादन कार्य ऐसे उद्योगों तक कानून के द्वारा आरक्षित कर दिया है ।


4. सरकार ने आय के समान वितरण के लिए कई उपाय किये हैं जिससे अमीर और गरीब के बीच का अन्तर कम हो सके । साथ ही अमीर वर्ग और मध्यम वर्ग पर कर डाले गये ।


5. अमीर वर्ग के द्वारा उपयोग में ली जानेवाली मोज-शोख, भोग-विलास, सुख-सुविधा की वस्तुओं के उत्पादन को अधिक प्राधान्य न मिले इसलिए इसके उत्पादन पर अधिक कर या जकात लगाई गई । दूसरी ओर गरीब वर्ग की आवश्यक एवं रोजमर्रा की उपयोगी वस्तुओं के उत्पादन को सर्व प्राथमिकता देकर ये वस्तुएँ बाजार मूल्यों से भी कम मूल्य पर उन्हें प्राप्त हो सके ऐसी सार्वजनिक वितरण व्यवस्था उपस्थित की ऐसा करने से गरीबों की उपयोगी वस्तुओं का उत्पादन बढ़े, रोजगारी बढ़े और जीवन स्तर सुधर सकेगा ।


इनकी कार्यक्षमता बढ़ सके इसके लिए व्यावसायिक तालीम और शिक्षण की सुविधा सरकार करती है जिससे अंत में आय में वृद्धि होती है । शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, परिवार नियोजन, संदेशा व्यवहार, रास्ता, सिंचाई, कुशलता क्षेत्र के विकास के लिए कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में अमली किये गए हैं । ग्राम्य युवकों के लिए स्वरोजगारी के मौंकों का सर्जन किया है । शिक्षा प्रथा में सुधार करके टेकनिकल और व्यवसायलक्षी अध्ययन कार्यक्रमों का व्याप बढ़ा है ।


प्रश्न 4.

बेरोजगारी घटाने के प्रयास स्वरूप सरकारी योजना और कार्यक्रमों (मुख्य चार) सविस्तार समझाइए ।

उत्तर:

बेरोजगारी कम करने के सरकारी प्रयास निम्नानुसार है :

1. भारत में तीव्र आर्थिक वृद्धि दर वार्षिक 10% जितना ऊँचा लक्ष्य रखकर सिद्ध करने के सर्वग्राही कदम उठाना । सार्वजनिक और निजी क्षेत्र में पूंजीनिवेश की मात्रा बढ़ाना और रोजगार के अवसर बढ़ाना । अर्थतंत्र में कृषि सहित छोटे और गृह उद्योग, कुटिर उद्योग सहित सभी विभागों में और प्रदेशों में तीव्र और संतुलित विकास साधने रोजगारी के नये क्षेत्रों को खोलना । सरकार रोजगारी बढ़ाने के लिए अनेक योजनाओं द्वारा आर्थिक सहायता, शिक्षण प्रशिक्षण केन्द्र शुरू किये ।


2. श्रमप्रधान उत्पादन पद्धति पर आधारित खर्च से वस्तुओं का उत्पादन करती इकाइयों, छोटे और लघु उद्योगों, ग्रामोद्योगों, हाथशाला और हस्तकला कारीगरों से जुड़े हुन्नर उद्योगों का विकास हाथ में लिये । इसके लिये योजनाओं में प्रोत्साहक नीतियाँ लाग की ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि के अलावा समय की बेरोजगारी घटाने हेतु खेतों में एक से अधिक बार फसल ले सकें ऐसी पद्धति विकसित करनी, नयी जमीन जुताई में लानी, प्रत्येक खेत को पानी और बीजली की सुविधाएँ उपलब्ध करवाना, छोटी-बड़ी सिंचाई योजना, डेम, चेकडेम, जलाशयों, नेहरों, ट्यूबवेल, बाँध, सड़के बनानी, कृषि संलग्न प्रवृत्तियाँ, मुर्गा-बतन – मत्स्य पालन, पशुपालन, डेयरी उद्योग, वनीकरण कार्यक्रमों द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में कमपूँजी निवेश द्वारा लोगों को रोजगार प्रदान करवाता है ।


इसके अनुसार रोजगारलक्षी आयोजन होना चाहिए । ग्रामीण रोजगारी के अवसरों का विकास करना चाहिए, जिससे वे वहीं रोजगार प्राप्त कर – सकें और रोजगार के लिए शहरों में स्थलांतर घट सके और रोजगारी की माँग घटे । कृषि क्षेत्र में बागायती खेती, सेन्द्रिय खाद . आधारित खेती, शुष्क खेती और बहुलक्षी फसल पद्धति सब्जी-फलों की खेती की तरफ अधिक प्रोत्साहन दिया ।


3. ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षण की गुणवत्ता और मात्रा बढ़े इस पर अधिक ध्यान देना ।


4.  ग्रामीण क्षेत्र में मानव विकास को टिकाए रखने के लिए उसके स्वास्थ्य, शिक्षण, पीने का शुद्ध पानी, पौष्टिक आहार, बीजली, मार्ग, बैंकिंग, बीमा, इन्टरनेट, संचार, मनोरंजन की सुविधाएँ बढ़ाकर जल संचयन की प्रवृत्तियाँ, सार्वजनिक, स्थायी संपत्ति का निर्माण करके स्थानिय उद्योगों के विकास और प्रोत्साहन देकर, रोजगारमूलक कार्यक्रम अपनाकर, ग्रामीण लोगों के जीवन के गुणात्मक और परिमाणात्मक सुधार लाने का मुख्य उद्देश्य था ।


2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर मुद्दासर दीजिए:


प्रश्न 1.

गरीबी अर्थात् क्या ? गरीबी रेखा के नीचे जीवन जीनेवाले लोगों के लक्षण बताइए ।

उत्तर:

गरीबी – समाज का बड़ा वर्ग अपने जीवन की मूलभूत और आधारभूत आवश्यकताओं जैसे अन्न, वस्त्र, आवास, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की न्यूनतम मात्रा में भी भोगने से वंचित रहकर जीवन गुजारता हो तब समाज की ऐसी स्थिति को व्यापक या दारूण गरीबी कहते हैं और ऐसी स्थिति में समाज में रहनेवाले लोग गरीब कहलाते हैं । गरीबी रेखा के नीचे जीवन जीनेवाले लोगों के लक्षण :


जिस व्यक्ति को दो समय का पर्याप्त भोजन नहीं मिलता ।

रहने के लिए पर्याप्त मात्रा में खुली जगह नहीं प्राप्त कर सके ।

छोटी या गंदी बस्तियों, झोंपड़पट्टी में वसवाट करनी पड़ती है ।

उसकी आय निर्धारित अपेक्षित आय से कम हो ।

उसकी आयु सीमा राष्ट्रीय औसत आयु से भी कम होती है ।

जो अधिकांशत: निरक्षर हो ।

जिनको लगातार पौष्टिक भोजन प्राप्त न होने से छोटी-बड़ी बीमारियों से झूझना पड़ता है ।

जिनके बालकों को परिवार की आय बढ़ाने के लिए बालमजदूरी करनी पड़ती है ।

जिनके बालकों में कुपोषण के कारण बाल मृत्युदर की मात्रा अधिक होती है ।

प्रश्न 2.

भारत में गरीबी का वर्णन कीजिए ।

उत्तर:

योजना आयोग के 2011-12 के मापदण्ड के आधार पर ग्रामीण क्षेत्रों में प्रति व्यक्ति मासिक खर्च रु. 816 और शहरों में रु. 1000 से कमवाले व्यक्ति गरीबी रेखा के नीचे माने जाते है ।


इसके आधार पर भारत में 2011-12 में 27 करोड़ लोग गरीब थे जो कुल जनसंख्या का 21.9% था ।

UNDP – 2015 की रिपोर्ट के अनुसार भारत में 2011-12 में गरीबी की मात्रा कुल जनसंख्या के 21.92% थी जिसमें से ग्रामीण क्षेत्र में 25.7% और शहरी क्षेत्र में 13.7% जनसंख्या गरीब थी । अर्थात् भारत की कुल जनसंख्या के 26.93 करोड़ ।

ग्रामीण क्षेत्र में 21.65 करोड़ और शहरी क्षेत्र में 5.28 करोड़ लोग गरीबी रेखा के नीचे जीवन जीते थे ।

भारत में सबसे अधिक गरीबी की मात्रा छत्तीसगढ़ (36.93%) है, जबकि सबसे कम गरीबी गोवा (5.09%) में है ।

गुजरात में गरीबी की मात्रा 16.63% थी । भारत में औसतन 30% से अधिक गरीबी की मात्रा छत्तीसगढ़, आसाम, उत्तर प्रदेश, मणिपुर, बिहार, अरुणाचल प्रदेश, झारखण्ड, उड़ीसा आदि में है ।

प्रश्न 3.

गरीबी उद्भव होने के कारणों की चर्चा कीजिए ।

उत्तर:

गरीबी के उदभव होने के मुख्य कारण निम्नानुसार है :


कृषि क्षेत्र में अपर्याप्त विकास और अपर्याप्त सिंचाई की सुविधाओं के कारण कृषि क्षेत्र में मिलती आय कम होती है ।

कृषि सिवाय के समय में वैकल्पिक रोजगारी के अवसरों का अभाव ।

ग्रामीण क्षेत्रों में अन्य रोजगारी का आवश्यक ज्ञान, शिक्षण, कौशल्य के प्रशिक्षण का अभाव कारण है ।

जातिप्रथा तथा रुढ़ियों, परंपराओं के कारण रीतरिवाजों के उपरांत अति खर्च के कारण कर्ज में डूबते है । इस प्रकार गैर उत्पादकीय खर्च में वृद्धि से गरीबी बढ़ती है । निरक्षरता की अधिक होने से शोषण और अन्याय का भोग बने है तथा सरकारी योजनाओं की जानकारी के अभाव में लाभ नहीं उठा सकते । आर्थिक नीतियों के निर्माण में मानवीय आवश्यकताओं और उनके आर्थिक हितों की उपेक्षा हुई है ।

व्यापारिक फसलों को प्रोत्साहन मिला और खाद्य पदार्थों का उत्पादन घटा । अनाज, दलहनों आदि की कमी सर्जित हुई और । भाव बढ़े, जिससे दो समय का पर्याप्त भोजन प्राप्त न होने से गरीबी सर्जित हुई ।

आर्थिक सुधारों के अमल होने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था टूट गयी, कुटिर और लघु उद्योगों को नुकसान हुआ, स्थलांतर बढ़ा, कृषि की आय घटी ।

गरीब कुपोषण और विविध रोगों के शिकार बने है, स्वास्थ्य विषयक खर्च बढ़ा है । आय स्थिर रही है, चिकित्सा और स्वास्थ्य पर खर्च बढ़ा है ।

टेक्नोलॉजी में परिवर्तन आये है । परंपरागत व्यवसाय, कुटिर उद्योग नष्ट हो गये और बेकारी बढ़ी है ।

जनसंख्या दर बढ़ी, मृत्युदर घटा, औसत आय बढ़ी, श्रम की माँग से पूर्ति अधिक होने से बेरोजगारी बढ़ी । दूसरी तरफ उनके जीवन की आवश्यक वस्तुओं की माँग के सामने उत्पादन घटा और मूल्य बढ़ा । क्रय शक्ति घटी, जीवन स्तर गिरा और अंत

में गरीबी बढ़ी ।

प्रश्न 4.

सामाजिक सुरक्षा और अन्न सुरक्षा के सरकार के कार्यक्रम बताइए ।

उत्तर:

सामाजिक सुरक्षा और अन्न सुरक्षा के सरकार ने निम्नलिखित कार्यक्रम चलाए :


ग्रामोदय से भारत उदय ।

दीनदयाल उपाध्याय ग्रामज्योति योजना ।

आदिवासी महिलाओं के लिए पशुपालन हेतु ‘संकलित डेरी विकास योजना’ ।

सेन्द्रिय खेती को प्रोत्साहन की योजना ।

मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना ।

माँ अन्नपूर्णा योजना ।

सांसद आदर्श ग्राम योजना ।

महात्मा गाँधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी योजना ।

मिशन मंगलम्

दंतोपत कारीगर ब्याज सहायता योजना ।

ज्योति ग्रामोद्योग विकास योजना ।

वाजपेयी बेंकेबल योजना ।

प्रश्न 5.

धनिक भारत में गरीब रहते है । समझाइए ।

उत्तर:

भारत में विपुल प्रमाण में प्राकृतिक संसाधनों और अपार प्राकृतिक उपहार से समृद्ध है ।


परंतु इन विपुल संसाधनों का सुयोग्य लाभ उठाने की क्षमताओं का अभाव, शिक्षण, प्रशिक्षण और कौशल्य के अभाव, वर्षों के कमीयुक्त आयोजन के कारण इन प्राकृतिक संसाधनों का लोगों के कल्याण और सुख के लिए देखें तो इतना उपयोग नहीं हो

सका जिससे लोगों में गरीबी की मात्रा नहीं घटी है ।

इसलिए कहा जाता है कि ‘धनिक भारत में गरीब बसते है ।

प्रश्न 6.

बेरोजगारी के कारण बताइए ।

उत्तर:

बेरोजगारी का सबसे मुख्य कारण जनसंख्या वृद्धि है ।


मात्र सैद्धांतिक ज्ञान, प्रायोगिक ज्ञान का अभाव, टेकनिकल ज्ञान और कौशल्यों का अभाव, पूर्णस्तरीय रोजगारी उत्पन्न करने में निष्फलता, कृषि क्षेत्र में वर्षा की अनियमितता और जोखिम अधिक, कृषि व्यवसाय में रुचि घटना, कृषि में सिंचाई की अपर्याप्त सुविधा, कृषि के अतिरिक्त समय में वैकल्पिक रोजगारी का अभाव, कुटिर उद्योग, गृहउद्योग और लघुउद्योग की कमजोर स्थिति, जातिप्रथा, संयुक्त परिवार व्यवस्था, परंपरागत व्यवसाय और पारिवारिक धंधों में ही लगे रहना अन्य नये कार्य करने के साहस का अभाव, ज्ञान, कौशल्य, प्रशिक्षण और अनुभव की कमी, श्रम की अगतिशीलता, मानव श्रम का कमियुक्त आयोजन, औद्योगिक विकास की धीमी दर, बचतवृत्ति की नीची दर जिससे पूँजी सर्जन दर में कमी आदि बेरोजगारी के कारण है ।


GSEB Solutions Class 10 Social Science Chapter 17 आर्थिक समस्याएँ और चुनौतियाँ: गरीबी और बेरोजगारी


प्रश्न 7.

बेरोजगारी के प्रभाव बताइए ।

उत्तर:

बेरोजगारी के कारण गरीबी की मात्रा बढ़ रही है ।


लोगों का जीवन स्तर नीचा जा रहा है ।

शिक्षा, स्वास्थ्य की समस्याएँ उत्पन्न हो रही है ।

आर्थिक विकास प्रभावित होता है ।

प्रति व्यक्ति और राष्ट्रीय आय कम हो रही है ।

बचत वृत्ति की निम्न दर, पूँजी निर्माण की निम्न दर होती है ।

3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षिप्त में दीजिए:


प्रश्न 1.

सापेक्ष गरीबी और निरपेक्ष गरीबी – समझाइए ।

उत्तर:


निरपेक्ष गरीबी : समाज के लोग अनाज, दलहन, दूध, सब्जी-भाजी, कपड़े, जैसी प्राथमिक आवश्यकताओं, लघुत्तम बाजार भाव पर प्राप्त करने में समर्थ न हो तो उसे निरपेक्ष गरीबी कहते हैं ।

सापेक्ष गरीबी : समाज के भिन्न-भिन्न आयवाले वर्गों में से यदि कोई समूह अन्य से कम आय प्राप्त करता हो तो उसे सापेक्ष गरीबी कहते हैं। (A) रु. 10,000 (B) रु. 20,000 (C) रु. 30,000 ऐसे तीन व्यक्तियों की आय भिन्न-भिन्न है । A व्यक्ति की आय B व्यक्ति की आय से कम होने से A व्यक्ति गरीब माना जाता है, इसी तरह C. व्यक्ति के सापेक्ष A और B व्यक्ति की आय कम होने से वह गरीब माना जाता है।

प्रश्न 2.

एग्रो बिजनेस पोलिसी तथा ‘ई-नाम योजना’ की जानकारी दीजिए ।

उत्तर:

एग्रो बिजनेस पोलिसी 2016 द्वारा राज्य सरकार प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट के निर्यात में सहायक, एग्रो फूड प्रोसेसिंग युनिटों को स्थापित करके 10 लाख लोगों को रोजगारी प्रदान करने की योजना रखी है जिसके द्वारा गरीबी कम कर सकते है । ई-नाम योजना के अधिन किसानों के लिए राष्ट्रीय कृषि बाजार खड़ा किया जिसमें किसान ऑनलाईन अपनी उत्पादकों को सूचीबद्ध करवा सकते है । व्यापारी किसी भी स्थान से उन उत्पादनों की बोली लगा सकते है । बिचोलियों, दलालों से होनेवाले नुकसान से किसानों को बचाकर, अधिक भाव प्राप्त हो और प्रतिस्पर्धा से अधिक लाभ प्राप्त हो यह इस योजना का उद्देश्य है ।


प्रश्न 3.

मनरेगा कार्यक्रम स्पष्ट कीजिए ।

उत्तर:

मनरेगा रोजगारलक्षी कार्यक्रम ‘अपने गाँव में अपना काम, साथ में मिलता है उचित दाम’ के नारे के साथ खूब ही उपयोगी योजना, जिसमें राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में रहनेवाले लोगों जो वयस्क उम्र के है, शारीरिक श्रम कर सकते है ऐसे बिनकुशल काम करने के इच्छुक ऐसे प्रत्येक परिवार की जीवन निर्वाह के अवसर में वृद्धि करने के लिए प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को वित्तीय वर्ष में 100 दिन (रोजाना सात घण्टे) वेतनयुक्त रोजगार देने का उद्देश्य है ।


सरकार द्वारा निर्धारित दर पर दैनिक वेतन चुकाया जाता है । यदि काम माँगने पर सरकार काम देने में असफल हो तो नियम के अनुसार उसे ‘बेकारी भत्त्था’ चुकाया जायेगा । ग्रामीण विकास कार्य, व्यक्तिगत शौचालय बनाना, व्यक्तिगत कुएँ, जमीन समतल करना, बागायती कार्य, इन्दिरा आवास योजना के मजदूरी कार्य, पशुओं के छप्पर, जैविक खाद बनाना, मुर्गी-बतख के लिए सेड, मछली सुकाने के यार्ड, केनाल की सफाई, जलसंग्रह के कार्य, मार्गों के पास वनीकरण जैसे अनेक कार्य करवाकर प्रत्येक परिवार को निश्चित वेतनयुक्त रोजगार देने की गारंटी देकर उन्हें गरीबी रेखा से ऊपर लाने और जीवनस्तर सुधारने का कार्य करती है ।


प्रश्न 4.

औद्योगिक बेरोजगारी अर्थात् क्या ?

उत्तर:

औद्योगिक क्षेत्र में होनेवाले परिवर्तनों के कारण यदि व्यक्ति को अल्प या लंबे समय के लिए बेरोजगार रहना पड़ता है तो ऐसी स्थिति को औद्योगिक बेरोजगारी के रूप में पहचाना जाता है ।


प्रश्न 5.

विश्व श्रम बाजार की संकल्पना स्पष्ट कीजिए ।

उत्तर:

विश्व के देश अपने श्रमिकों का आदान-प्रदान करते है उसे विश्व श्रम बाजार कहते हैं । अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर श्रमिकों का एक देश से दूसरे देश में स्थलांतरण रोजगारी, व्यापार धंधे, ट्रेनिंग या उच्च शिक्षण के लिए हो तो इसे श्रम की अंतर्राष्ट्रीय गतिशीलता कहते हैं । शैक्षणिक ज्ञान, उच्च तकनीकि ज्ञान कौशल्य की प्राप्ति, विदेशों में अधिक आय, अधिक सुविधा और अधिक अच्छी नौकरी की खोज बुद्धि धन का बहिर्गमन ब्रेन-ड्रेन (Brain Drain) अन्तर्राष्ट्रीय स्तर का स्थलांतरण है ।


4. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर सही विकल्प चुनकर दीजिए:


प्रश्न 1.

भारत में गरीबी की सबसे अधिक मात्रा किस राज्य में है ?

(A) उत्तर प्रदेश

(B) उड़ीसा

(C) छत्तीसगढ़

(D) बिहार

उत्तर:

(C) छत्तीसगढ़


प्रश्न 2.

भारत में 2011-12 में गरीबी कितनी थी ?

(करोड़ में)

(A) 21.65

(B) 26.93

(C) 36.93

(D) 21.92

उत्तर:

(D) 21.92


प्रश्न 3.

महिला सशक्तिकरण, कौशल्यवर्धक प्रशिक्षण, स्वरोजगारी और बाजार के साथ जोड़ने के लिए कौन-सी सरकारी योजना में रखा गया है ?

(A) प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना

(B) राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना

(C) मिशन मंगलम् योजना

(D) एग्रो बिजनेश पोलिसी-

उत्तर:

(C) मिशन मंगलम् योजना


GSEB Solutions Class 10 Social Science Chapter 17 आर्थिक समस्याएँ और चुनौतियाँ: गरीबी और बेरोजगारी


प्रश्न 4.

2016 भारत के किस राज्य में बेरोजगारी सबसे अधिक पायी जाती है ?

(A) बिहार

(B) झारखंड

(C) केरल

(D) छत्तीसगढ़

उत्तर:

(D) छत्तीसगढ़


प्रश्न 5.

अन्न सुरक्षा एक्ट के अधीन गुजरात में कौन-सी योजना अमल में रखी गयी ?

(A) माँ अन्नपूर्णा योजना

(B) मनरेगा

(C) अंत्योदय योजना

(D) सुकन्या समृद्धि योजना

उत्तर:

(A) माँ अन्नपूर्णा योजना


प्रश्न 6.

युवा बेरोजगारों को नये विचारों के साथ उद्योग साहसी बनकर स्वरोजगार की तरफ कौन-सी योजना प्रेरित करती है ?

(A) मेक इन इण्डिया

(B) स्टार्टअप इण्डिया

(C) डिजिटल इण्डिया

(D) स्वच्छ भारत अभियान

उत्तर:

(B) स्टार्टअप इण्डिया


प्रश्न 7.

बेरोजगारी निवारण के लिए कौन-सी संस्था नोकरीदाताओं को मदद करती है ?

(A) रोजगार विनिमय केन्द्र

(B) श्रम मंत्रालय

(C) मॉडल केरियर सेन्टर

(D) ग्रामपंचायत

उत्तर:

(A) रोजगार विनिमय केन्द्र





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